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सीईसी विवाद पर विपक्ष की बैठक: कपिल सिब्बल बोले- 2014 से पसंद न आने वालों को हिरासत; बवाल क्यों?

Wed, 07 Oct 2026 03:05 PM IST
राकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

सीईसी ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की मांग को लेकर विपक्ष ने बुधवार को दिल्ली में बैठक की। मल्लिकार्जुन खरगे की बैठक में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेता पहुंचे। इससे एक दिन पहले विपक्ष ने चुनाव आयोग की ओर मार्च किया था, जिसे पुलिस ने रोक दिया था और कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था। इसी बीच कपिल सिब्बल ने सरकार पर विरोधियों को हिरासत में लेने और विपक्ष से साथ आने वालों को गले लगाने का आरोप लगाया। 
 
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सीईसी के खिलाफ विपक्ष लामबंद - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच चल रहा विवाद बुधवार को भी जारी रहा। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी सांसदों के लिए दिल्ली में दोपहर के भोजन पर बैठक बुलाई। इस बैठक में सांसद सीईसी ज्ञानेश कुमार से मुलाकात का समय मांगने वाली चिट्ठी पर हस्ताक्षर करने वाले हैं। यह बैठक छह अक्तूबर को चुनाव आयोग की ओर निकाले गए विपक्षी मार्च और प्रदर्शन के अगले दिन हुई। 
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सिब्बल ने सरकार पर क्या आरोप लगाया?
बैठक में पहुंचे कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया कि 2014 से जिन लोगों को सरकार पसंद नहीं करती, उन्हें हिरासत में लिया जाता है, जबकि विपक्ष से सरकार के साथ आने वालों को गले लगाया जाता है। सिब्बल ने पंजाब के मुख्यमंत्री के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'यह उनकी आदत है। यह उनकी नीति है।' सिब्बल ने कहा कि कांग्रेस जो करेगी, वह करेगी। 

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राहुल और प्रियंका भी बैठक में पहुंचे
खरगे की बुलाई बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी पहुंचे। बैठक जनपथ स्थित सागर रत्ना में रखी गई थी। इसमें इंडिया गठबंधन के दूसरे दलों के सांसदों के भी शामिल होने की जानकारी सामने आई। विपक्षी सांसदों की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब वे चुनाव आयोग से सीधे मुलाकात कर अपनी शिकायतें रखने की मांग कर रहे हैं। 

रेणुका चौधरी बोलीं- सरकार समझती है हम डर जाएंगे
दिल्ली में कल चुनाव आयोग मुख्यालय तक इंडिया गठबंधन के विरोध मार्च के दौरान आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश करने के मामले में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ दिल्ली पुलिस की एफआईआर पर कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार सोचती है कि एफआईआर से कांग्रेस डर जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं है।

वहीं, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी एफआईआर को लेकर कहा कि वे इससे डरने वाले नहीं हैं और इसे सम्मान के तमगे की तरह देखते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग सभी के हस्ताक्षर चाहता है और कांग्रेस के सांसद दस्तावेज पर हस्ताक्षर करेंगे। खेड़ा ने दावा किया कि ये सांसद 64 फीसदी लोगों के प्रतिनिधि हैं।

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एक दिन पहले क्या हुआ था?
छह अक्तूबर को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और दूसरे विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के दफ्तर की ओर मार्च किया था। विपक्षी दल विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग से सवाल कर रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने मार्च को आकाशवाणी भवन के पास बैरिकेड लगाकर रोक दिया था। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं ने वहीं धरना दिया। कई घंटे चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई विपक्षी नेताओं और सांसदों को हिरासत में लिया। 

चुनाव आयोग ने क्या-क्या कहा?
विपक्ष की ओर से सीईसी से मुलाकात की मांग के बीच चुनाव आयोग ने कहा कि छह अक्तूबर को शाम चार बजे तक किसी राजनीतिक दल ने औपचारिक तौर पर मुलाकात के लिए समय नहीं मांगा था। आयोग के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के जरिए उसे करीब 240 विपक्षी सांसदों के चुनाव आयुक्तों से मिलने की जानकारी मिली थी। आयोग ने कहा कि वह सांसदों से मिलने के लिए तैयार था, लेकिन मुलाकात चुनाव आयोग के परिसर में तय प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए थी। विपक्ष की ओर से संसद भवन एनेक्सी में मिलने की मांग की गई थी। 
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