जब दुर्गा पूजा की बात हो तो दिमाग में सबसे पहले कोलकाता की छवि आती है। बड़े-बड़े भव्य पंडाल मां दुर्गा की सुंदर और आकर्षक मूर्तियां, खाने को स्वादिस्ट व्यंजन के साथ साथ रोशनी में नाहाया कोलकाता सभी को आकर्षित करता है। पिछले साल की तरह इस साल भी कोलकाता में दुर्गापूजा की धूममची हुई है। क्योंकि पिछले साल की तरह इस साल भी 'कंसाई नेरोलैक पेंट्स कंपनी' ने बंगाल की संस्कृति के प्रचार प्रसार के लिए कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया है।
पेंट उद्योग में 90 साल की समृद्ध विरासत के साथ कंसाई नेरोलैक पेंट्स भारत की सबसे बड़ी कंपनी होने के साथ दुनिया भर की दस सबसे शीर्ष कंपनियों मे से एक है। भारत की सबसे बड़ी डैकोरेटिव कंपनी कंसाई नेरोलैक ने 'शेरा पारा शेरा पूजा' के नाम से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया। नेरोलैक शेरा पारा शेरा पूजा प्रतियोगिता के तहत कोलकाता की कई कॉलोनियों में डांस, पेंटिग के साथ भव्य पंडाल प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता के तहत सबसे अच्छे और भव्य पंडाल को पुरस्कृत किया जाएगा।
कंसाई नेरोलैक के डायरेक्टर अनुज जैन का कहना है कि शेरा पारा शेरा पूजा कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बंगाली सांस्कृति का प्रचार प्रसार करना है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में प्रतियोगिताओं को तीन भागों में बाट दिया गया है। जिसके पहले भाग में युवाओं के कौशल को निखारने और उसे एक नई पहचान दिलाने के लिए नेरोलैक एसपीएसपी मॉरल पेंटिंग के नाम से 'वॉल पेंटिंग' प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। इस वॉल पेंटिंग की प्रतियोगिता में सभी को दीवार पर मां दुर्गा की पेंटिंग बनाई।