भारत मंडपम को उस समय बड़ी निराशा हुई, जब पता चला कि उसका दीदार करने के लिए आने वाले दुनिया के हाई प्रोफाइल कारोबारी एलन मस्क पड़ोसी देश चीन से उसके सपनों पर पानी फेरकर लौट जाएंगे। विदेश मंत्रालय के सूत्रों को भी तब झटका लगा, जब मस्क के दो दिवसीय दौरे के टलने की खबर आई। खबर तो यहां तक है कि भारत मंडपम में मस्क का दीदार होने से पहले उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना था। चुनाव चल रहे हैं और प्रधानमंत्री बहुत व्यस्त हैं। औसतन 3-4 जनसभा या रोड शो करते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय ने मस्क को हाथों-हाथ लिया था। आते तो कुछ निवेश की घोषणा करते। भारत का सिर गर्व से ऊंचा होता। लेकिन एक्स के मालिक को न जाने क्या सूझा कि अंतिम क्षणों में ऐंठ गए। अभी कारणों का पता तो नहीं चला है, लेकिन लग रहा है कि भारत में चल रही चुनावी फिजा को लेकर उन्होंने शायद सावधानी बरत ली है।
एक ही घोड़े पर सवार शिंदे और पवार
महाराष्ट्र में मजे में हैं उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस। रहें भी क्यों न? बताते हैं कि लोकसभा चुनाव 2024 में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की परीक्षा हो रही है। अजीत के चाचा शरद पवार ने अपनी उम्र, भतीजे और पार्टी के नेताओं से पार्टी में हित में अपना दृष्टिकोण रखकर भावनात्मक बातें करनी शुरू कर दी हैं। बारामती में सुप्रिया सूले को जिताने के लिए झंडा गाड़ दिया है। वहां से शरद पवार की बहू और भतीजे अजीत पवार की पत्नी मुकाबले में हैं। बताते हैं अजीत पवार और उनके प्रत्याशियों का मामला बड़ा ढीला चल रहा है। बड़े पवार का रुतबा है। अजीत पवार और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे दोनों अपने अपने दल से बगावत के घोड़े पर सवार हुए थे। बताते हैं कि अजीत की तरह ही शिंदे भी पसीना बहा रहे हैं। अपने गढ़ में शिंदे की थोड़ी पूछ भी है, लेकिन बचे महाराष्ट्र में शिवसेना के नेता उद्धव ठाकरे भारी हैं। अब आप समझ ही गए होंगे कि महाराष्ट्र के पूर्व और वर्तमान में उपमुख्यमंत्री खुश क्यों हैं? उन्हें पता है कि जो परीक्षा में पास नहीं होता, तो उसका क्या होता है?
माया मेम साहब की 'माया' बड़ी निराली है
बसपा के लालगंज से एक नेता हैं। मार्च 2024 तक थोड़ा परेशान रहते थे। उनकी परेशानी का कारण बसपा प्रमुख मायावती का द्वारा खुलकर स्टैंड नहीं लेना था। लेकिन इधर फोन करके सवाल पूछने पर गाना गाने लगे। गाने के बोल थे कि मोहे न समझो भोली भाली रे। दो लाइन गाने के बाद साहब ने इस खुशी का राज बताया। उन्होंने कहा कि देखा न कैसे बसपा सुप्रीमो ने भाजपा और इंडिया गठबंधन को नचा दिया। आजमगढ़ में भीम राजभर को उतारा था और अब उन्हें सलेमपुर से टिकट दे दिया। जौनपुर से श्रीकला सिंह को टिकट देकर भाजपा की मुसीबत बढ़ा दी। तारीफ करते हुए कह रहे हैं कि मायावती ने बसपा को फिर मजबूत बनाने की तैयारी कर ली है। उनके लोकसभा में टिकट बंटवारे और निर्णय से लग रहा है कि वह बहुत दूर की सोच कर चल रही हैं।
बिहार में तेजस्वी अकेले काफी हैं
इंडिया गठबंधन के नेताओं को बिहार में तेजस्वी यादव का उत्साह बहुत प्रभावित कर रहा है। कांग्रेस के एक बड़े नेता ने कहा कि बिहार में तेजस्वी अकेले ही काफी हैं। तेजस्वी की हर जनसभा में न केवल भीड़ उमड़ रही है, बल्कि वह बड़ी कुशलता से अपनी बात रख रहे हैं। तेजस्वी के सचिवालय के सूत्र का कहना है कि उनके पीछे की असल की ताकत उनके पिता लालू प्रसाद यादव हैं। लालू प्रसाद यादव बिहार में चुनाव पर लगातार नजर बनाए हैं। वह तेजस्वी को अपनी सलाह देना नहीं भूलते। तेजस्वी की सोशल मीडिया टीम भी काफी एक्टिव है। जमीनी स्तर से सोशल मीडिया पर ट्वीट आदि को प्लान करके चल रही है। बताते हैं कि अभी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर बहक कर लालू प्रसाद के बच्चों की संख्या को टारगेट करने लगे थे। टीम तेजस्वी के सदस्यों ने इसे वायरल कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसके पीछे मुख्य इरादा जनता की सहानुभूति हथियाने, नीतीश कुमार की इमेज को गिराने का था। बड़बोलापन कहें, तो टीम तेजस्वी का आंकलन तो यह भी है कि इस बार इंडिया गठबंधन 40 में से करीब आधी सीटें हासिल करेगा जबकि कांग्रेस नेताओं का आकलन 14-15 सीट तक ही है।