कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ राज्यसभा सांसद इन दिनों नेहरू-पटेल-अंबेडकरबाजी से बड़े दुखी हैं, लेकिन मुसीबत यह ही कि सदन में काफी कुछ बोल भी नहीं पा रहे हैं। सोमवार को भाजपा के राकेश सिन्हा ने फिर पंडित जवाहर लाल नेहरू को कश्मीर समस्या के लिए दोषी ठहरा दिया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पहले ही ठहरा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कह दिया कि यदि पटेल देश के पहले पीएम बने होते तो देश का नक्शा कुछ और होता।
विज्ञापन
अब कांग्रेसी सांसद का दर्द सुनिए। साहब का कहना है कि फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप वाला नौजवान है। पढ़ता कम, उत्तेजित ज्यादा होता है। दूसरे आरएसएस और जनसंघ 1950 के दशक से ही नेहरू-पटेल प्रोपेगेंडा फैला रहा है। कोई नेहरू को मुसलमानों का वंशज बता देता है तो कोई शेख अब्दुला का खानदानी। कोई ग्रेट वूमनाइजर। इन्हें क्या पता कि नेहरू और पटेल एक दूसरे की कितनी इज्जत करते थे। इन्हें तो यह भी नहीं मालूम होगा कि कश्मीर के बदले में सरदार पटेल ने जूनागढ़ पाकिस्तान को देने का प्रस्ताव तक दे दिया था। फिर नेहरू हों या पटेल या फिर भीम राव अंबेडकर नेता तो कांग्रेस के थे। इससे भाजपा का क्या लेना-देना? लेकिन बिना मतलब का भाजपा लट्ठ पीटकर माहौल बना रही है।
'सरदार पटेल-2 पहुंच चुके हैं कश्मीर'
सोमवार को राज्यसभा में यह वाक्य सुनने को मिला। भाजपा के राज्यसभा सदस्य राकेश सिन्हा ने केंद्रीय गृहमंत्री की तुलना देश के पहले गृहमंत्री सरदार पटेल से की। राकेश सिन्हा ने अमित शाह के दो दिवसीय जम्मू-कश्मीर के दौरे पर कहा कि सरदार पटेल-2 (शाह) जम्मू-कश्मीर पहुंच चुके हैं। जब राकेश सिन्हा सदन में शाह की तुलना पटेल से कर रहे थे तो पत्रकार दीर्घा में राज्यसभा सदस्य बनने पर व्यंग्य तेज हो गए।
दरअसल देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल से भाजपा का प्रेम जगजाहिर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पटेल के बड़े अनुयायी हैं। गुजरात में यूनिटी ऑफ स्टैच्यू स्थापित करके प्रधानमंत्री ने इसे साबित भी कर दिया है। वह संसद के दोनों सदनों में भी पटेल को याद करना नहीं भूलते। भाजपा के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य लाल कृष्ण अडवाणी भी पटेल का गुणगान करते रहते हैं। पहले खूब किया है। यहां तक कि जब आडवाणी देश के गृहमंत्री बने तो उन्हें सरकार पटेल को दी गई लौह पुरुष की उपमा भी भाजपा के नेता देने लगे थे।
विज्ञापन
बिल्ली के गले में कौन बांधे घंटी?
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी
- फोटो : एएनआई
लोकसभा में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी का पहला ही भाषण कांग्रेस नेताओं को परेशान कर रहा है। परेशानी यह भी है कि अधीर रंजन उत्साह में उछल उछलकर बोल रहे हैं। वह बिना सोचे समझे। पार्टी के एक पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद ने कहा कि हमारे पास लोकसभा में गंभीर नेता ही नहीं हैं। वैसे भी अभी भाजपा बहुमत से चुनाव जीतकर आई है। हमारे अध्यक्ष जी हार की खीझ मिटा रहे हैं।
यूपीए चेयरपर्सन हर बात को अध्यक्ष जी पर टाल देती हैं। ऐसे में कोई करे भी तो क्या। इस तरह के माहौल में लोकसभा में अधीर रंजन चौधरी चर्चा में भाग लेते हुए यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को जेल में डालने का जिक्र कर रहे हैं? सूत्र का कहना है कि यह सरासर मूर्खता है, लेकिन परेशानी यह है कि इस समय बिल्ली के गले में घंटी बांधे कौन?
जगन, राव और शाह बनाम चंद्र बाबू नायडू
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
- फोटो : एएनआई
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी हैं। रेड्डी के धुर विरोधी टीडीपी नेता राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू हैं। राज्य में कांग्रेस ने खाता ही नहीं खोला है। जबकि नायडू की पार्टी के 25 विधायक हैं। टीडीपी के विधायकों पर भाजपा की निगाह है। वहीं जगन मोहन चंद्रबाबू नायडू को मजबूत नहीं देखना चाहते। कांग्रेस पहले ही सिमट चुकी है।
भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अमित शाह भी चंद्रबाबू नायडू से पिछला हिसाब चुकता करना चाहते हैं। शाह वही करते हैं जिसका खाका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन में चल रहा होता है। ऐसे में भाजपा चाहती है कि जगन मोहन रेड्डी चंद्रबाबू पर हमला बढ़ाएं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की फाइलें खोलें।
मजे की बात देखिए भाजपा इस सद्इच्छा में उसे तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव का भी साथ मिल रहा है। राव भी चाहते हैं कि यह जल्द हो जाए तो अच्छा है। हालांकि जगन की पार्टी के लोकसभा सांसद इस मामले में संभलकर चलना चाहते हैं। उनका मानना है कि टीडीपी खत्म हो, भाजपा खड़ी हो तो भविष्य में आंध्र में कमल का खिलना भी तो वही बात हो जाएगी।
दिल्ली में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह का आशीर्वाद प्राप्त है। तिवारी को विश्वास है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने की स्थिति आने पर उनका भविष्य उज्वल है। कारण साफ है कि तिवारी की उम्र कम हैं। अच्छे भोजपुरी गायक, अभिनेता रहे हैं।
मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश (उ.प्र.) से लेकर बिहार के मतदाताओं पर भी जादू बिखेरते हैं। लेकिन इधर तिवारी की नींद उड़ी है। तिवारी की नींद दिल्ली भाजपा के नेता विजय गोयल ने उड़ाई है। गोयल दिल्ली के अपार्टमेंट, पार्क, गलियों की खाक छान रहे हैं। वह भाजपा को मजबूत बनाने, मतदाताओं को जागरूक करने में लगे हैं। इधर विधूड़ी ने भी अपना प्रयास तेज कर दिया है। आप समझ सकते हैं कि तिवारी क्यों परेशान हैं?