प्याज की कीमतों में लगातार तेजी का मुद्दा गुरुवार को संसद में भी गूंजा। डीएमके सांसद कनीमोझी ने शून्यकाल में पूछा कि प्याज की बढ़ती कीमतों को काबू में करने के लिए केंद्र सरकार क्या रही है। प्याज की कीमतें तीन गुणा बढ़कर 100 रुपये प्रति किलों पर पहुंच गई है।
इससे आम आदमी के घर का बजट बिगड़ गया है। कारोबारी विशेषज्ञों का कहना है कि प्याज की मौजूदा कीमतों में बढ़ोतरी के लिए जमाखोरी जिम्मेदार है, इसके साथ ही अतिवृष्टि से भी प्याज की फसलों को नुकसान पहुंचा है।
इसके अलावा राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ द्वारा प्याजों को रखे जाने के लिए अपनाए जाने वाले पारंपरिक तरीके भी इसके लिए जिम्मेदार है। यहां रखी गई ज्यादातर प्याज खराब हो गई। इसके साथ ही कनीमोझी ने सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगने के बावजूद कीमतें क्यों नहीं थम रही है। उन्होंन इस पर चर्चा कराए जाने की मांग भी की।