कमलनाथ को भरोसा है कि मध्य प्रदेश का उपचुनाव आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को काम नहीं करने दिया गया। ऊपर से म.प्र. की जनता कोविड-19 के संक्रमण का दंश झेल रही है। कुल 24 विधानसभा सीट पर चुनाव होना है। इनमें एक कांग्रेस और एक भाजपा के विधायक के निधन से खाली हुई सीट है। 22 सीट बागी विधायकों के कारण खाली हुई है। यह वह सीट है जिस पर 22 विधायक भाजपा के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़कर जीते थे। मुझे नहीं लगता कि यह बात भाजपा के विधायकी का चुनाव लड़ चुके नेताओं के गले उतरेगी? फिर ये विधायक जनता के बीच में कौन सा मुंह लेकर जाएंगे। कमलनाथ को लगता है कि उपचुनाव के बाद एक बार फिर स्थिति पलट सकती है।
हम तो सहयोग कर रहे हैं
कमलनाथ ने कहा कि वह कोविड-19 संक्रमण को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का हर तरह से सहयोग कर रहे हैं। कल भी कमलनाथ ने शिवराज को फोन किया था। किसानों की रबी की फसल, कटाई, मड़ाई को देखते हुए कई सुझाव दिए थे। कमलनाथ ने किसानों के खाद्यान्न की खरीद को लेकर हर दो गांव के बीच में अस्थाई मंडी या खरीद केन्द्र बनाने का भी सुझाव दिया है। इसी तरह से राज्य में कांग्रेस के नेता, विधायक, जिला अध्यक्ष सब लोगों, गरीबों की सेवा में लगे हैं।