तमिलनाडु की राजनीति में ताल ठोक रहे दक्षिण भारत के प्रख्यात अभिनेता
कमल हासन ने सुपरस्टार
रजनीकांत से सियासी गठबंधन की शर्तें साफ कर दी हैं। हासन ने कहा है कि अगर रजनीकांत का रंग ‘भगवा’ हुआ तो उनके साथ सियासी गठबंधन नहीं होगा। हासन ने कहा, ‘उनका असल मकसद एक जैसी राजनीति और यथास्थिति की व्यवस्था को चुनौती देना है। यह तमिलनाडु पर असर डाल रही है।’ वह प्रख्यात हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में वार्षिक इंडियन कांफ्रेंस में मुख्य भाषण दे रहे थे।
जब उनसे रजनीकांत के भी सियासत में उतरने पर सवाल किया गया तो हासन ने कहा कि वह दोनों के बीच चुनावी गठबंधन से इनकार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, अगर दोनों के विचार और आइडिया एक जैसे तथा दोनों के घोषणापत्रों में समानता हुई तो रजनीकांत से शायद गठबंधन किया जा सकता है। लेकिन, तत्काल उन्होंने दोनों के बीच के धर्म और ‘भगवा’ रंग को लेकर मतभेद का भी जिक्र कर दिया। माना जा रहा है कि ऐसा रजनीकांत की भाजपा के करीबी के चलते हुआ। हासन ने कहा, ‘मैं आशा करता हूं कि रजनीकांत का रंग भगवा नहीं होगा। अगर ऐसा हुआ तो उनसे गठबंधन करना मुश्किल होगा।’
हासन ने तमिलनाडु के हर जिले में एक गांव को गोद लेने की घोषणा भी की। कहा, ‘मैं इस योजना का एलान कर रहा हूं। मेरा लक्ष्य इन गांवों को दुनिया का सबसे अच्छा गांव बनाना है।’ राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात की जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में सब कुछ ठीक नहीं है। वह एक गांव से काम शुरू नहीं करेंगे बल्कि हर जिले तक पहुंचेंगे। इस दौरान हसन ने महात्मा गांधी के समृद्ध और आत्मनिर्भर गांव के विचार का जिक्र किया।