अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरिफा जान के बाद कल्पना रमेश को अपना ट्विटर अकाउंट सौंपा। कल्पना रमेश उन सात महिलाओं में शामिल हैं जो पीएम मोदी के सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से लोगों तक अपनी प्रेरणादायक कहानी पहुंचा रही हैं।
अपना परिचय देते हुए कल्पना रमेश ने कहा कि एक योद्धा बनिए लेकिन अलग तरह से। पानी के योद्धा बनिए। क्या आपने कभी भी पानी की कमी के बारे में सोचा है? हममें से हर कोई सामूहिक रूप से अपने बच्चों के लिए सुरक्षित पानी वाला भविष्य बनाने के लिए कार्य कर सकते हैं। मैं इस तरह अपनी कोशिश कर रही हूं।
अपनी कहानी बताते हुए उन्होंने कहा कि छोटी कोशिशें बहुत बड़ा असर डाल सकते हैं। पानी एक मूल्यवान चीज है जो हमें विरासत के तौर पर मिली है। हमारी आने वाली पीढ़ियों को इससे वंचित न होने दें। जिम्मेदारी से पानी का उपयोग, वर्षा जल का संचयन करें, झीलों को बचाएं, उपयोग किए गए पानी को रिसाइकल करें और जागरूकता पैदा करें।
कल्पना रमेश ने कहा कि मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं चिड़ियों को वापस किसी झील में ला सकती हूं या प्रधानमंत्री के अकाउंट से ट्वीट कर सकती हूं। दृढ़ संकल्प के साथ असंभव को प्राप्त किया जा सकता है। हम जल संसाधनों के प्रबंधन पर सामूहिक कार्रवाई के साथ समुदायों में बदलाव ला सकते हैं। आइये हम परेशानी को खत्म करने वाले बनें।