कर्नाटक के आईटी मंत्री प्रियांक खरगे।
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कर्नाटक के कलबुर्गी में पुलिस ने मंत्री प्रियांक खरगे के करीबी सहयोगी राजू कपनूर और पांच अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामला सिविल ठेकेदार सचिन पंचाल की मौत से जुड़ी है। पंचाल ने सुसाइड नोट में उल्लेख किया था कि कांग्रेस नेताओं ने मट्टीमाडु, अंडोला मठ के सिद्धलिंग स्वामी, भाजपा नेता मणिकांत राठौड़ और चंदू पाटिल की हत्या की साजिश रची थी।
मंत्री ईश्वर खांडरे पंचाल के आवास पर गए
खबरों के मुताबिक बीदर में रहने वाले ठेकेदार पंचाल ने गुरुवार को कथित तौर पर एक ट्रेन के सामने लेटकर अपनी जान दे दी। सुसाइड नोट में कपनूर और उनके सहयोगियों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। मामला सुर्खियों में आने के बाद बीदर जिले के प्रभारी मंत्री ईश्वर खांडरे पंचाल के आवास पर गए। ईश्वर सिद्धरमैया सरकार में वन विभाग संभालते हैं।
10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का एलान
रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारियों और मंत्री के पहुंचने पर पंचाल को खोने से आक्रोशित परिजनों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। परिवार के लोगों ने उन लोगों को सचिन पंचाल की मौत का जिम्मेदार बताया और उन्हें वहां से जाने को कहा। इस पर मंत्री खांडरे ने उन्हें इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मौत के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पंचाल के परिजनों को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा भी की।
फिलहाल जीआरपी कर रही है जांच, सीआईडी को भी सौंप सकते हैं मामला
मंत्री ने कहा कि परिजनों ने पुलिस के खिलाफ शिकायत नहीं दर्ज करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से बात करने के बाद लापरवाही करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। फिलहाल राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) इस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार मामले को सीआईडी को सौंपने पर भी विचार करेगी।