तृणमूल कांग्रेस सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देते हुए महिला सम्मान, भ्रष्टाचार, आरजी कर मामले जैसे कई मुद्दों पर गंभीर सवाल उठाए। हालांकि उन्होंने साफ किया कि वह टीएमसी नहीं छोड़ेंगी और आम कार्यकर्ता के रूप में पार्टी से जुड़ी रहेंगी।
तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया हैं। काकोली घोष दस्तीदार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी की पार्टी ने लोकसभा सचेतक के पद से हटा दिया था। माना जा रहा है कि पार्टी के इस फैसले के बाद से ही वह नाराज चल रही थीं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे तृणमूल कांग्रेस नहीं छोड़ रही हैं। वह बंगाल और वहां के लोगों के हित में एक आम कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी से जुड़ी रहेंगी।
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काकोली घोष के पद से इस्तीफे के लिए लिखे पत्र में क्या?
काकोली घोष दस्तीदार ने अपने पद से मुक्ति के लिए प्रदेश अध्यक्ष सुब्रता बख्शी को लिखे पत्र में उन्होंने अपने इस निर्णय के पीछे कई गंभीर और नैतिक कारणों का उल्लेख किया है। इस्तीफे के मुख्य कारणों में उन्होंने एक पुरुष सांसद द्वारा महिला सांसद के प्रति किए गए अभद्र व्यवहार और उस पर वरिष्ठ नेतृत्व की उदासीनता को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने कहा कि ऐसे पद पर बने रहना व्यर्थ है जहां महिलाओं के सम्मान की रक्षा न हो सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार (राशन और शिक्षक भर्ती घोटाला) और आरजी कर मेडिकल कॉलेज की दुखद घटना व उसे दबाने के प्रयासों पर अपनी गहरी चिंता और आत्मग्लानि व्यक्त की है।
दस्तीदार ने आईपीएसी (I-PAC) के बढ़ते प्रभाव और पार्टी के भीतर पनप रही अलोकतांत्रिक व अपारदर्शी कार्यशैली की भी आलोचना की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह निर्णय किसी व्यक्तिगत अहंकार के कारण नहीं, बल्कि उनकी अंतरात्मा की आवाज और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जवाबदेही का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पार्टी नहीं छोड़ रही हैं। वे एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में जनता के बीच रहकर बंगाल के हितों के लिए कार्य करती रहेंगी। उन्होंने नेतृत्व से अनुरोध किया है कि उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारियों से तत्काल मुक्त किया जाए।
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क्या काकोली घोष भी देंगी टीएमसी को झटका?
इस बीच पश्चिम बंगाल में पूर्व सीएम ममता बनर्जी की करीबी रहीं काकोली घोष को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। टीएमसी ने काकोली घोष को हटाकर उनकी जगह कल्याण बनर्जी को पार्टी का मुख्य सचेतक बनाया था। काकोली घोष ने कुछ समय पहले ही बारासात जिला अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया था।
कल्याण बनर्जी की पोस्ट ने अटकलों को दिया जोर
सियासी गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह भाजपा में शामिल हो सकती हैं। इन अटकलों को लोकसभा में पार्टी के नए चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी के एक पोस्ट ने और हवा दी है। कल्याण बनर्जी ने लिखा था, 'आपकी आगे की यात्रा सुगम और आरामदायक हो। आपको और आपके परिवार को आने वाले शानदार भविष्य के लिए शुभकामनाएं।'
उन्होंने लिखा, 'शायद अब आखिरकार आपके आस-पास के सभी दाग और विवाद धुल जाएंगे और साफ तौर पर मिट जाएंगे। शुभकामनाएं, यह नया अध्याय वहां सफल हो जहां पिछले सभी स्पष्टीकरण विफल रहे।'