पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के आयोजन से पहले भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने ममता बनर्जी सरकार से रथ यात्रा निकालने की अनुमति मांगी है। पार्टी के अनुसार अनुमति मिलने के बाद छह फरवरी को रथ यात्रा का उद्घाटन पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे। इसकी जानकारी भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने दी।
विजयवर्गीय ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी से भी अनुरोध करूंगा कि वे हमारे रथ यात्रा को सार्वजनिक रूप से संबोधित करें। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मां-माटी-मानुष के साथ सार्वजनिक रूप से चर्चा कर रही हैं। उनकी खुद की पार्टी के सदस्य भाजपा में शामिल हो रहे हैं क्योंकि सभी नेताओं को उनसे धोखा मिला है।
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि बंगाल में हिंसा, भ्रष्टाचार और माफियाओं की राजनीति हावी है और कानून व्यवस्था लचर है। उन्होंने कहा कि भाजपा बंगाल में 200 से अधिक सीटें जीतेगी और एक प्रगतिशील सरकार स्थापित करेगी।
उन्होंने कहा कि सिर्फ जनता ही नहीं, बल्कि ममता बनर्जी की अपनी पार्टी के कैडर भी उनसे नाखुश हैं। वे पश्चिम बंगाल की प्रगति देखना चाहते हैं और उन्होंने पीएम मोदी और भाजपा पर विश्वास किया है।
ममता बनर्जी ने भी केंद्र पर बोला हमला
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर उत्तरी जिलों से ‘इतने सारे’ भाजपा सांसद होने के बावजूद वहां के लोगों के लिए कुछ नहीं करने का आरोप लगाया।
बनर्जी ने कहा कि हर चुनाव से पहले भाजपा नेता उत्तरी बंगाल के बंद पड़े चाय बागानों को खोलने का वादा करते हैं लेकिन उसके बाद वे ‘भाग’ जाते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले सभी सात बंद चाय बागानों को खोलने का वादा किया था लेकिन एक में भी काम चालू नहीं हुआ।
इतने भाजपा सांसद हैं जो उत्तरी बंगाल से जीते हैं लेकिन मुझे बताइए कि उन्होंने इस क्षेत्र के लिए कुछ कि कुछ नहीं किया। तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो यहां सामूहिक विवाह कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रही थी। बाद में उन्होंने चाय बागान के कई श्रमिकों को जमीन के पट्टे सौंपें।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ हमारी सरकार लोगों, किसानों और अनुसूचित जनजातियों के लिए है। हम ऐसा कुछ नहीं करेंगे जो किसान विरोधी एवं जनविरोधी हो। हमने पहले ही नौ चाय बागान खोल दिये हैं और हम अन्य में भी काम चालू करने का प्रयास करेंगे।