फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kailash-Mansarovar: पांच साल बाद भारतीयों के लिए फिर खुलेगा कैलाश-मानसरोवर यात्रा, जून मध्य से होगी शुरू

Wed, 07 May 2025 09:54 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चीन ने अक्टूबर 2019 में कोरोना वायरस के प्रकोप का हवाला देते हुए भारतीय नागरिकों के कैलाश-मानसरोवर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। अब चीनी अधिकारियों ने भारतीय तीर्थयात्रियों को अनुमति देने का निर्णय लिया है। यात्रा इस वर्ष 15 जून से फिर शुरू होने की संभावना है।
विज्ञापन
कैलाश मानसरोवर यात्रा - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोविड-19 महामारी के चलते 2019 में बंद हुई कैलाश-मानसरोवर यात्रा एक बार फिर से भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए शुरू होने जा रही है। चीनी सरकार द्वारा पाबंदियां हटाने के बाद यह यात्रा इस वर्ष 15 जून से फिर शुरू होने की संभावना है।
विज्ञापन


साल 2019 में कोरोना वायरस का हवाला देते हुए चीन ने भारतीय श्रद्धालुओ के कैलाश-मानसरोवर जाने पर रोक लगा दी थी। अब चीनी अधिकारियों ने भारतीय तीर्थयात्रियों को अनुमति देने का निर्णय लिया है। नेपाल एसोसिएशन ऑफ टूर्स एंड ट्रैवल एजेंट्स के सचिव घनश्याम घिमिरे ने बताया कि नेपाल और तिब्बत के टूर ऑपरेटरों के बीच सभी आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद इस बात की पूरी संभावना है कि भारतीय तीर्थयात्री 15 जून से कैलाश-मानसरोवर की यात्रा कर सकेंगे।

भारत और चीन सरकार के बीच छह महीने पहले इस विषय पर सैद्धांतिक सहमति बन गई थी कि कैलाश-मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू किया जाए। घिमिरे ने बताया, हम चीनी अधिकारियों के इस फैसले का स्वागत करते हैं और भारतीय तीर्थयात्रियों के स्वागत के लिए उत्साहित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखंड के रास्ते कैलाश-मानसरोवर की यात्रा करने में एक महीना लग जाता है, जबकि नेपाल के रास्ते यह यात्रा आसान, कम खर्चीली और समय की बचत करने वाली है।
विज्ञापन


कैलाश मानसरोवर जाने के दो प्रमुख मार्ग हैं... एक रसुवा-केरुंग प्रवेश बिंदु से और दूसरा सिमिकोट-हिल्सा से। इनमें से रसुवागढ़ी-केरुंग मार्ग ज्यादा आसान और काठमांडू के नजदीक है। उन्होंने कहा, वर्तमान में हम रसुवा-केरुंग मार्ग के माध्यम से कैलाश जाने के इच्छुक भारतीय पर्यटकों के लिए यात्रा कार्यक्रम तैयार कर रहे हैं। काठमांडू से कैलाश-मानसरोवर और वापस आने में करीब दो सप्ताह का समय लगता है और यात्रा पूरी तरह से जमीनी मार्ग से संभव है। इस यात्रा की लागत प्रति व्यक्ति करीब 2.5 लाख से 3 लाख नेपाली रुपये आती है।

भारत और नेपाल के हिंदू और बौद्ध तीर्थयात्रियों के लिए कैलाश-मानसरोवर एक लोकप्रिय गंतव्य है। घिमिरे ने कहा कि वर्तमान में चीनी अधिकारियों ने 20,000 भारतीय पर्यटकों को कैलाश-मानसरोवर की यात्रा करने के लिए परमिट जारी करने पर सहमति व्यक्त की है। घिमिरे ने यह भी बताया कि हवाई मार्ग से भी कैलाश यात्रा की जा सकती है, हालांकि यह थोड़ा महंगा होता है। हवाई मार्ग से यात्रा करने वाले यात्री काठमांडू से हेलिकॉप्टर द्वारा केरुंग पहुंच सकते हैं और फिर वहां से सड़क मार्ग से कैलाश जा सकते हैं।

जो लोग हवाई यात्रा करना पसंद करते हैं, वे काठमांडू से तिब्बत सीमा के पास केरुंग तक चार्टर्ड हेलीकॉप्टर उड़ान का आनंद ले सकते हैं और फिर तिब्बती पक्ष में सड़क मार्ग से गंतव्य तक पहुंच सकते हैं। कैलाश-मानसरोवर यात्रा साल में छह महीने के लिए खुली रहती है। ये अप्रैल से शुरू होकर सितंबर के अंत तक चलती है।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें