उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की जान जाने के बाद डॉक्टर कफील खान चर्चा में आए थे। 10 जून को उनके छोटे भाई को गोली मार दी गई थी। घटना को अंजाम देने वाले लोग अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इस मामले में डॉक्टर कफील ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें उन्होंने कहा कि घटना को सात दिन बीत जाने के बावजूद भी आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने हमसे वादा किया था कि वह 48 घंटों के अंदर अपराधियों को पकड़ लेंगे। इस घटना को एक हफ्ते बीत चुके हैं लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया। यह साफ हो चुका है कि
उत्तर प्रदेश पुलिस किसी के इशारों पर काम कर रही है। उनका इरादा पहले से ही स्पष्ट था।
डॉक्टर कफील ने भाजपा सांसद कमलेश पासवान और बलदेव प्लाजा के मालिक सतीश नंगालिया पर हमले का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इन दोनों ने घटना के लिए शूटर्स को हायर किया था। पासवान की मेरे भाई के साथ कोई निजी दुश्मनी नहीं है। मेरे अंकल के पास जमीन का एक टुकड़ा है जिसपर कमलेश और सतीश ने फरवरी में अतिक्रमण कर लिया था। इसपर एफआईआर दर्ज हुई थी और उन्होंने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी के खिलाफ स्टे ऑर्डर ले लिया था।
सीबीआई जांच की मांग करते हुए खान ने कहा कि हमें इस मामले की सीबीआई से या फिर हाईकोर्ट के जज से जांच करवानी है। हम इस मामले की जांच यूपी पुलिस से नहीं करवाना चाहते। बता दें कि
डॉक्टर कफील खान के छोटे भाई कासिफ जमील पर 10 जून को गोरखनाथ मंदिर से कुछ ही दूरी पर जानलेवा हमला हुआ था। वह रात के 10.30 बजे निजी काम से वापस घर लौट रहे थे।