तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने एक दिन पहले ही खुद को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की कोशिश की थी। जिसमें उन्होंने गैर-कांग्रेस और गैर-भाजपा सरकार फ्रंट की मुहिम बनाने के संकेत शनिवार को दिए थे। वह 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले अपनी मुहिम को तेज कर लेना चाहते हैं। रविवार को उन्होंने सार्वजनिक मंच से कहा कि फ्रंट को आगे आना चाहिए। उन्होंने भविष्य में इस फ्रंट की सरकार बनने पर लोगों के सामने सरकार के कामकाज करने के तरीकों की रूपरेखा रखी।
अपनी रैली में चंद्रशेखर ने दावा किया कि बहुत सारी राजनीतिक पार्टियों ने उनका समर्थन किया है। जिसमें तृणमूल कांग्रेस की
ममता बनर्जी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें ममता का फोन आया था। इसके अलावा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, महाराष्ट्र के 6 सांसदों और जन सेना प्रमुख पवन कल्याण का समर्थन मिला है। आंध्र प्रदेश में तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के साथ एनडीए गठबंधन पर सस्पेंस के बादल मंडरा रहे हैं, उसने भी राव को परोक्ष रूप से अपना समर्थन दिया है।
टीडीपी के प्रवक्ता राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि पार्टी इस गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। हम इस मुद्दे पर केसीआर के साथ हैं। आंध्र प्रदेश संकट की आशंका का सामना कर रही है। रविवार को केसीआर ने घोषणा करते हुए कहा कि वह देश की राजनीति में बदलाव के लिए शुरू होने वाले आंदोलन की अगुआई के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 7 दशक की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस दोनों पूरी तरह से फेल हुए हैं और ऐसे में अब देश की राजनीति में गुणात्मक बदलाव करने की जरूरत है।