पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम मामले में प्रवर्तन निदेशालय को एक बड़ा सबूत हाथ लगा है। जांच एजेंसी का दावा है कि उन्हें कार्ति द्वारा बड़े नेता के खाते में 1.8 करोड़ रुपए ट्रांसफर करने के मामले में विस्तृत जानकारी मिली है। ईडी अधिकारी राजनीतिक रूप से संवेदनशील और पूर्व वित्तमंत्री के बेटे के मामले की प्रगति पर नजर बनाए हुए है। कार्ति पर आरोप है कि उन्होंने चेन्नई के रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड के अपने खाते से पैसे ट्रांसफर किए थे।
एक सूत्र ने बताया कि प्राप्तकर्ता ने दशकों तक केंद्र में काफी अहम भूमिका निभाई थी लेकिन उसकी पहचान उजागर करने से साफ मना कर दिया क्योंकि इससे जांच पर प्रभाव पड़ सकता है। सीबीआई ने 28 फरवरी को कार्ति को चेन्नई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उनसे 1 मार्च से पूछताछ की जा रही है। सीबीआई ने उन्हें दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में भी पेश किया था। जहां सीबीआई ने कार्ति और उनके सीए भास्करन को जमानत दिए जाने का विरोध किया था। सीबीआई के निवेदन को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने कार्ति और भास्करन की कस्टडी बढ़ाने के आदेश दिए थे।
सीबीआई का कहना है कि मामले में हुए अवैध लेन-देन के पुख्ता सबूत हमारे पास हैं। अगर कार्ति को जमानत दी जाती है तो वह उन सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं। वहीं कार्ति की तरफ से दलील पेश कर रहे अभिषेक मनु सिंघवी ने बहस के दौरान सीबीआई को कुंभकर्ण करार दिया था। बता दें कि कार्ति चिदंबरम पर आरोप है कि साल 2007 में जब पी चिदंबरम वित्त मंत्री थे, उस वक्त आईएनएक्स मीडिया कंपनी ने विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एफआईपीबी) से क्लीयरेंस लेकर 305 करोड़ रुपये विदेशी फंड प्राप्त किए थे। इसके एवज में कार्ति को रिश्वत मिली थी।