लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने तो मंदसौर गैंगरेप की तुलना कठुआ गैंगरेप से कर दी। हालांकि ट्विटर पर ट्रोल होने के बाद उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था 'कठुआ पर शर्म आई और मंदसौर पर जुबां पर ताले। आक्रोश में भेदभाव। बॉलीवुड में अब न कोई तख्ती लटका रहा, न विदेशी अखबारों और मीडिया में भारत को बदनाम करता कोई लेख लिख रहा, न घंटों विलाप करने वाले एंकर अब व्यथित दिख रहे। बच्चियों में भी भेदभाव का दोहरा मापदंड सिर्फ सेक्यूलर कर सकते हैं।'
मालिनी अवस्थी के इस ट्वीट पर लोगों ने उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई। एक यूजर्स ने कहा कि 'मालिनी अवस्थी जी बेटी हिंदू की हो या मुसलमान की, सिख की हो या ईसाई की, बेटी को बेटी की नजर से देखिए, धर्म मजहब की नजर से नहीं, बहुत ही शर्मनाक ट्वीट किया है आपने। आप भी किसी बेटी की मां होंगी। आप मोदीजी से अपील करिए कि जल्द दुष्कर्म की सजा फांसी की जाए, हम आपका साथ देंगे।'
इसी कड़ी में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती ने भी ट्वीट कर कठुआ और मंदसौर कांड को एक जैसा बताया है। साथ ही नेताओं और वकीलों पर भी निशाना साधते हुए कहा है 'मंदसौर कांड में बलात्कारी के लिए कोई मौलाना नमाज़ ए जनाज़ा पढ़ने को तैयार नहीं ! कठुआ और मंदसौर कांड में समानताएं हैं, पर मंदसौर में स्थानीय लोगों और नेताओं ने आरोपी के पक्ष में कोई जुलूस नहीं निकाला, वकीलों ने बवाल नहीं काटा।'
बता दें कि इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरा देश आक्रोशित है। मंदसौर के मुस्लिम समाज के लोगों ने आरोपियों को फांसी की सजा दिए जाने के बाद उन्हें कब्रिस्तान में न दफनाने की बात कही है।
वहीं, इस घटना से मंदसौर बार एसोसिएशन भी इस कदर खफा है कि उसने फैसला किया है कि आरोपियों की ओर से मंदसौर का कोई भी वकील केस नहीं लड़ेगा।