कम दूरी वाले हवाई अड्डे की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी की जाएगी। नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि 2024 तक देश में ऐसे हवाई अड्डों की संख्या बढ़ाकर 100 तक करने का लक्ष्य है, जो अभी 74 है। उड़ान योजना को 2016 में शुरू किया गया था। सिंधिया ने कहा, उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान) के तहत आम यात्रियों को भी विमान में यात्रा करने का अवसर देने का लक्ष्य है। पिछले 6 साल में यात्रियों की संख्या दोगुनी हो गई है। भारत दुनिया के विमानन क्षेत्र में तीसरा सबसे बड़ा बाजार है।
उन्होंने कहा, हमने देश के अंतिम छोर तक विमानन सेवाओं को पहुंचाने का लक्ष्य रखे हैं। उड़ान के तहत छोटे एयरक्राफ्ट को लाया जा रहा है। हमारा विश्वास है कि 2030 तक हमारा विमानन उद्योग तीन लाख करोड़ रुपये का हो जाएगा। भारत ने हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में हवाई अड्डों, विमानों और भर्ती में अरबों डॉलर का निवेश करने की योजना की रूपरेखा तैयार की। उन्होंने दावा किया कि आने वाले पांच से सात सालों में ही घरेलू एयरलाइंस के पास करीब दो हजार विमानों का बेड़ा होगा। ऐसे में अब देश को एयरोस्पेस उत्पादों के निर्माण के बारे में भी सोचना चाहिए।
1,300 विमानों का ऑर्डर देंगी कंपनियां
विमानन क्षेत्र की सलाहकार कंपनी सेंटर फॉर एशिया पैसिफिक एविएशन (कापा) ने कहा है कि अगले एक दो साल में भारतीय विमानन कंपनियां 1,300 विमानों का ऑर्डर दे सकती हैं। हालांकि, देश में पायलटों की संख्या कम है, खासकर चौड़ी बॉडी वाले विमानों के लिए। इसलिए इस पर भी ध्यान देना होगा।
यात्रियों की संख्या 1.20 करोड़
हवाई यात्रियों की संख्या फरवरी में 56.82% बढ़कर 1.20 करोड़ हो गई। डीजीसीए ने बताया, फरवरी, 2022 में यह 76.96 लाख थी। इसमें इंडिगो से 67.42 लाख, एअर इंडिया, विस्तारा, एयर एशिया से 29.75 लाख ने यात्रा की। कापा ने कहा कि वित्त वर्ष 2024 तक भारतीय विमानन कंपनियों को 1.8 अरब डॉलर तक का घाटा हो सकता है।
क्षेत्रीय उड़ानों पर 980 अरब खर्च करने की योजना
सिंधिया ने बताया कि विकास में नए हवाई अड्डे, अधिक नियामक और हवाई यातायात नियंत्रक और नए उड़ान स्कूल शामिल होंगे। हमें नागरिक उड्डयन बुनियादी ढांचे और क्षमताओं को 2047 तक भारत की 20 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था का समर्थन करने में सक्षम बनाने की जरूरत है। सरकार साल 2025 तक क्षेत्रीय उड़ानों पर 980 अरब रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। इसमें हवाई अड्डों का निर्माण और वर्तमान हवाई अड्डों का आधुनिकीकरण शामिल है।
देश के 6 प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्रियों की संख्या बढ़कर 42 करोड़ होने का अनुमान है जो अभी 19.2 करोड़ है। इसी दौरान भारतीय कंपनियों की एयरक्राफ्ट संख्या 700 से बढ़कर 2,000 हो जाएगी।
'देश में एविएशन सेक्टर का इकोसिस्टम मजबूत करने की जरूरत'
एविएशन कंसल्टेंसी CAPA के कार्यक्रम में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि हमें देश में सिविल एविएशन के लिए इकोसिस्टम को बढ़ाने की जरूरत है। सिंधिया ने कहा कि इस साल के अंत तक देश में 15 फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (FTO) स्थापित हो जाएंगी, जिसके बाद देश में एफटीओ की संख्या बढ़कर 50 हो जाएगी।
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