वरिष्ठ पत्रकार अनिल जैन भी मध्यप्रदेश की राजनीति पर गहरी नजर रखते हैं। अनिल जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश का उपचुनाव सिंधिया की ज्योति बुझने का संकेत है। वह मंगलवार को छिमक गांव(डाबरा) में सिंधिया की जनसभा का जिक्र करते हुए कहते हैं कि उन्हें सिंधिया काफी हताश और तनाव से भरे नजर आए।
जैन का कहना है कि जनसभा में सिंधिया इमरती देवी पर कमलनाथ की टिप्पणी का जिक्र करके पूर्व मुख्यमंत्री को नसीहतें दे रहे थे। उस समय इमरती देवी मंच पर रो रही थी। सिंधिया काफी आवेश और आक्रोश में थे। इस दौरान सिंधिया ने मंच पर इमरती देवी को गले भी लगाया। अनिल जैन का कहना है कि यह मुद्दा इतना बड़ा नहीं है, जितना किया जा रहा है। कारण साफ है कि उपचुनाव में सिंधिया के पास बताने के लिए नया और महत्वपूर्ण कुछ नहीं है। सच पूछिए तो उनका सबकुछ दांव पर लगा है।
भाजपा के नेताओं का कहना है कि कमलनाथ राज्य में 15 महीने मुख्यमंत्री रहे। इस दौरान उन्होंने सब्जबाग दिखाने के सिवा किया ही क्या? मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, कमलनाथ ने 15 महीने में मुख्यमंत्री कार्यालय को उद्योगपतियों, दलालों का अड्डा बना दिया। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा कमलनाथ को बूढ़ा बताते हैं। लेकिन 15 महीने के भीतर कांग्रेस की सरकार गिराने, कमलनाथ को मुख्यमंत्री पद से हटाने पर टिप्पणी करने से बचते हैं।