पटना की अफसर बिटिया ज्योति बाला की आत्महत्या मामले में आरोपी पति विमल वर्मा की अग्रिम जमानत की याचिका को नामंजूर कर दिया है। इसके साथ ही ज्योति की सास मीरा शरण, ससुर विजय प्रकाश वर्मा और ननद मोदी को भी अदालत ने कोई राहत नहीं दी है। बता दें कि ज्योति बाला के ससुराल वाले और पति अब तक फरार हैं।
बता दें कि पटना की रहने वाली ज्योति बाला ने नौ जून 2019 को पति और ससुराल वालों की प्रताड़ना और उपेक्षा से आहत होकर मुंबई में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसने सुसाइड नोट में पति और ससुराल वालों को आत्महत्या का जिम्मेदार ठहराया था। ज्योति ने सुसाइड नोट में अपने दो माह के बेटे के लिए न्याय की अपील भी की थी।
इस मामले में महाराष्ट्र के वसई रोड के वालिव थाने में विमल वर्मा और अन्य पांच ससुरालियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस घटना के बाद से ही सभी आरोपी फरार हैं, पुलिस अब तक उन तक नहीं पहुंच सकी है।
ज्योति बीमा कंपनी में अधिकारी थी और पटना के चौक शिकारपुर की रहनेवाली थी। नवंबर 2017 में उसकी शादी सालिमपुर अहरा निवासी विमल वर्मा से हुई थी, जो कि बैंक ऑफ बड़ौदा में मैनेजर है और फिलहाल उसकी पोस्टिंग उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में है।
स्थानीय खबरों के अनुसार, महाराष्ट्र पुलिस आरोपी पति विमल, सास मीरा शरण और अन्य आरोपियों की तलाश में बिहार पहुंची थी, लेकिन घर पर ताला लगा होने से पुलिस को खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ा। वहीं ज्योति के ननद और ननदोई के कार्यालय में भी जाने से पुलिस को पता चला कि दोनों ने छुट्टी का आवेदन दे दिया है और उसके बाद से गायब हैं।