सीजेआई सूर्यकांत ने हैदराबाद में तेलंगाना हाई कोर्ट के दूसरे चरण का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने न्यायिक ढांचे को बेहद जरूरी बताया। 100 एकड़ में बनने वाले इस आधुनिक परिसर के लिए सरकार ने 2,583 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। मुख्यमंत्री ने इस पूरे प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करने का भरोसा दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने रविवार को हैदराबाद में तेलंगाना हाई कोर्ट के जोन-2 की आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश की सभी सरकारें अब यह मानती हैं कि न्यायिक ढांचे को मजबूत करना कोई विकल्प नहीं, बल्कि बहुत जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब न्यायपालिका और कार्यपालिका एक ही उद्देश्य के साथ काम करते हैं, तो संविधान सही मायने में जीवंत हो उठता है।
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सीजेआई सूर्यकांत ने देश भर में चल रहे विकास कार्यों पर खुशी जताई। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में उन्होंने उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, असम और अब तेलंगाना में अदालती परिसरों की नींव रखी है। इससे पता चलता है कि हर विचारधारा की सरकारें अदालतों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के महत्व को समझ रही हैं।
प्रस्तावित हाई कोर्ट परिसर के मॉडल और नक्शों को देखने के बाद सीजेई ने इसकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि 100 एकड़ में फैला यह नया परिसर देश के सबसे बेहतरीन कोर्ट परिसरों में से एक होगा। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मुख्य न्यायाधीश को भरोसा दिलाया कि जजों के आवास और अन्य सुविधाओं सहित पूरा हाई कोर्ट परिसर दो साल के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा। सीजेई सूर्यकांत ने सरकार की इस प्रतिबद्धता की सराहना की।
तेलंगाना सरकार ने इस नए परिसर के लिए 100 एकड़ जमीन आवंटित की है। इसके निर्माण के लिए 2,583 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। यह पूरा प्रोजेक्ट दो चरणों में पूरा होगा। जोन-1 की नींव 27 मार्च 2024 को रखी गई थी और वहां निर्माण कार्य पहले से ही चल रहा है। जोन-1 में मुख्य कोर्ट परिसर और कार्यालय की इमारतें होंगी। वहीं, जोन-2 लगभग 60 एकड़ में फैला है, जिसमें जजों के लिए आवास और एक सेंट्रल रिकॉर्ड रूम बनाया जाएगा।
इस कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा, जस्टिस उज्ज्वल भुइयां, जस्टिस एस.वी. भट्टी और जस्टिस आलोक अराधे भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अपारेश कुमार सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।