फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानें कौन हैं जज लोया और क्यों उनकी मौत बनी विवादों का आधार

Thu, 19 Apr 2018 12:16 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को जज लोया की मौत के मामले पर सुनवाई करते हुए मामले की एसआईटी जांच से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जांच के लिए दायर की गई याचिका का आधार कमजोर हैं, इसलिए उसकी मांगों को स्वीकारा नहीं जा सकता। आइए आपको बताते हैं आखिर क्या है पूरा मामला...

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों द्वारा 12 जनवरी को किए गए प्रेस कांफ्रेंस की तात्कालिक वजह लोया केस की सुनवाई के लिए चुनी गई पीठ थी।

गत नवंबर को यह मसला तब सामने आया था जब एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि जज लोया की बहन ने भाई की मौत को लेकर सवाल उठाए हैं। सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आरोपी थे। 

महाराष्ट्र सरकार का कहना था कि जज बीएच लोया की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग वाली याचिकाएं एक राजनीतिक व्यक्ति को टॉरगेट करने के मकसद से दायर की गई है। 
विज्ञापन


याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि जांच तीन दिनों में क्यों पूरी हुई। जज लोया को उस अस्पताल में क्यों ले जाया गया, दूसरे अस्पताल में क्यों नहीं ले जाया गया। उन्हें ऑटो से अस्पताल ले जाया गया।

1 दिसंबर, 2014 को जज लोया नागपुर में अपने सहकर्मी की बेटी की शादी में शामिल होने गए थे, लेकिन उसी रात उनकी मौत हो गई। बताया गया कि जज लोया की मौत दिल का दौरा पड़ने की वजह से हुई, लेकिन उनके केस से जुड़े होने के बाद शक बढ़ने लगा था। 

एक याचिकाकर्ता ने कहा था कि जज लोया के साथ शादी समारोह में शामिल होने गए चार अन्य जज संदिग्ध हैं। 

क्या है सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस

गुजरात में 2005 में सोहराबुद्दीन शेख, उसकी बीवी कौसर बी और उसके दोस्त तुलसीराम प्रजापति की तथाकथित फर्जी मुठभेड़ में मौत के मामले में पुलिस अधिकारियों समेत 23 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चल रही है। 

इस मामले को बाद में सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया और केस की सुनवाई भी मुंबई शिफ्ट कर दी गई थी। बांबे लायर्स एसोसिएशन ने 8 जनवरी को मुंबई हाईकोर्ट में जज लोया की मौत की जांच संबंधी एक याचिका दायर की है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें