सैन्य और सुरक्षा रणनीति के लिए केंद्र सरकार ने एक थिंकटैंक बनाया है, जो विदेशी हथियारों की खरीद से लेकर कई गंभीर मामलों में अपनी अहम राय रखेगा। इस थिंकटैंक को एक डिफेंस प्लानिंग कमेटी का रूप दिया गया है, जिसमें नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर, पीएम के प्रधान सचिव, तीनों आर्मी चीफ, गृह सचिव, विदेश सचिव व अन्य शामिल होंगे।
यह कमेटी उन अहम सिफारिशों पर गौर करेगी, जो सैन्य और सुरक्षा क्षेत्र के लिए लंबे समय तक लाभकारी होंगी। रक्षा से जुड़ी जो भी जानकारियां कमेटी को दी जाएंगी उन्हें रिपोर्ट्स के तौर पर रक्षा मंत्रालय के सामने पेश किया जाएगा। खास बात है कि इससे सिफारिशों को जल्द मंजूरी मिलेगी। साथ ही कमेटी उन रास्तों को खोजेगी, जिससे सैन्य क्षेत्र में बड़े बदलाव आ सके।
बताया जा रहा है कि समिति देश की कई उपसमितियों के जरिए काम करेगी। देश के प्रति पैदा हो रहे खतरों को लेकर भी यह समिति सरकार के समक्ष पर अपनी राय रखेगी। बता दें कि सरकार ने मुख्यत: रक्षा योजना बनाने और सुरक्षा से जुड़ी प्राथमिकताओं को उसके समक्ष पेश करने के लिए इस कमेटी को बनाया है।
दरअसल, कमेटी का गठन केंद्रीकृत योजनाओं के अभाव को दूर करने के लिए किया गया है। इसके जरिए सरकार नागरिक और सैन्य एजेंसियों के समन्वय के जरिए रक्षा रणनीति को तैयार करने का काम करेगी।