हाल में ही कलकत्ता हाई कोर्ट के जज सीएस कर्णन को अवमानना के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने छह महीने की सजी सुनाई है और उन्हें इस हफ्ते गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। लेकिन खुद को अंबेडकर का दत्तक पुत्र बताने वाले कर्णन ने तमिलनाडु छोड़ दिया है और कोलकाता की पुलिस उनके मौजूद होने की जगह को खोजने में लगी हुई है।
बुधवार को कर्णन के चेपॉक के एक गेस्ट हाउस में होने की सूचना मिलने के बाद कोलकाता पुलिस की एक टीम चेन्नई पहुंची।
उसी दिन पुलिस टीम को इससे जुड़ा सुराग मिला। कर्णन ने अपने व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी के माध्यम से तमिलनाडु आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के एसपी को सूचित किया कि वो आंध्र प्रदेश के निकट कलहस्ती मंदिर की यात्रा की योजना बना रहे हैं और वो शाम 5 बजे तक लौट जाएंगे।
हालांकि, कोलकाता पुलिस टीम ने उनके वापस लौटने का इंतजार नहीं किया और कुछ तमिलनाडु पुलिस अधिकारियों को कलहस्ती के लिए रवाना कर दिया। पुलिस टीम कर्णन से जुड़े किसी व्यक्ति से संबंधित फोन नंबर को ट्रैक कर रही थी।
जस्टिस कर्णन की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमों को रणनीतिक जगहों पर लगाया गया। लेकिन आंध्र पुलिस ने कोलकाता पुलिस टीम को बताया कि वो मोबाइल फोन का सिग्नल खो चुके हैं। दो घंटे की यात्रा के बाद बिना कोई सफलता हाथ लगे, पुलिस टीम वापस चेन्नई लौट आई।
बता दें सुप्रीम कोर्ट द्वारा गिरफ्तार करने के आदेश के बाद जस्टिस सीएस कर्णन ने मांग की है कि कोर्ट अपने फैसले को वापस ले। कर्णन के वकील ने कहा कि वो फिलहाल चेन्नई में हैं और देश छोड़कर नहीं गए हैं।