अवमानना मामले में सजा पा रहे कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस सीएस कर्णन की जेल में तबीयत खराब होने की खबर आई है। गौरतलब है कि उन्होंने छाती में दर्द होने की शिकायत की है। उनको इलाज के लिए एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया। बुधवार को उन्हें कोयंबतूर से कोलकाता लाया गया जहां उन्हें प्रेसीडेंसी जेल में रखा गया है।
तमिलनाडु के कोयंबतूर स्थित एक रिजार्ट से गिरफ्तारी के बाद उन्हें बुधवार को एअर इंडिया के विमान से कोलकाता लाया गया। जेल पहुंचते ही जस्टिस कर्णन ने अपनी तबीयत खराब होने की बात कही। वहीं , पुलिस प्रशासन उन्हें अस्पताल ले गया जहां इलाज के बाद रात 10 बजे वापस जेल के लिए भेज दिया।
सूत्रों के मुताबिक, जस्टिस कर्णन को गौतम कुंदू के बगल वाला बेड दिया गया था। बता दें कि कुंदू रोज वैली फंड्स घोटाले का आरोपी है। वहीं, जेल प्रशासन ने जस्टिस कर्णन की सुरक्षा के लिए विशेष वार्डर को रखा और इसके साथ ही दो और वार्डरों को भी ड्यूटी पर रखा गया था।
जस्टिस कर्णन की हालत को देखते हुए डॉक्टर ने उन्हें विशेष डाइट लेने की सलाह दी है जिसमें मीट, फल, मछली, ब्रैड, मख्कन, अण्डे शामिल हैं। वहीं, जेल अस्पताल में जस्टिस कर्णन के लिए अलग से खाने की सुविधा की गई।
जस्टिस कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के 20 जजों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। इस संबंध में उन्होंने एक शिकायत भी की थी। उन्होंने सीबीआई को इस शिकायत की जांच करने का आदेश दिया था। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने इसे अदालत की अवमानना बताया था।
इसके बाद सात जजों की पीठ ने जस्टिस कर्णन के खिलाफ अवमानना से जुड़ी कार्रवाई शुरू की। सुप्रीम कोर्ट ने दो बार जस्टिस कर्णन को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन वह हाजिर नहीं हुए। फिर सुप्रीम कोर्ट ने 10 मार्च को उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया। नौ मई को सुप्रीम कोर्ट ने कर्णन को अवमानना का दोषी ठहराते हुए 6 महीने जेल की सजा सुनाई। सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना के मामले में उनको जमानत देने की एक याचिका रद्द कर दी। चेन्नई से उनके साथ राज्य पुलिस की एक छह सदस्यीय टीम भी यहां लौटी।