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थोड़ी देर में होगी राहुल गांधी की प्रेस वार्ता: सोशल मीडिया पर लिखा- संविधान के दुश्मनों का पर्दाफाश हो गया है

Thu, 24 Sep 2026 04:17 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली।

सार

राहुल गांधी थोड़ी देर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। यह एलान ऐसे समय हुआ है जब चुनाव आयोग के भीतर एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आई है। 
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राहुल गांधी, नेता, कांग्रेस - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी थोड़ी देर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। यह घोषणा चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच की गई है। उन्होंने कहा संविधान के दुश्मन बेनकाब हो गए हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, 'संविधान के दुश्मनों का पर्दाफाश हो गया है। न्याय जरूर होगा। मैं शाम चार बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करूंगा।'

 

क्या है पूरा मामला? 
बता दें कि राहुल गांधी ऐसे समय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं, जब चुनाव आयोग के भीतर ही एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में आवाज उठी है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग के कामकाज और फैसले लेने की प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दो चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में 14 बार आपत्ति दर्ज कराई। 

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रिपोर्ट में क्या दावा किया गया है? 
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों आयुक्तों ने कुछ फैसलों और आदेशों को लेकर कहा कि उन्हें इसकी जानकारी या उनकी मंजूरी नहीं ली गई। ये आपत्तियां विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर, नए मतदाताओं के पंजीकरण, फॉर्म-6 में बदलाव, वोटर लिस्ट से नाम हटाने और जोड़ने, नाम बहाल करने के आदेशों के खिलाफ अपील तथा वोटर डेटा की सुरक्षा जैसे मुद्दों से जुड़ी थीं।

फॉर्म-6 और नए मतदाताओं के पंजीकरण पर क्या सवाल उठे?

  • रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों ने नए मतदाताओं के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में किए गए बदलाव पर आपत्ति जताई। इस फॉर्म में एसआईआर से जुड़ा एक सवाल जोड़ा गया था, जिसमें आवेदक से पूछा जा रहा था कि उसका या उसके माता-पिता अथवा दादा-दादी का नाम पिछली एसआईआर की मतदाता सूची में था या नहीं। 

  • रिपोर्ट के मुताबिक, इस बदलाव पर विवेक जोशी ने मई में आपत्ति दर्ज की थी। उनका कहना था कि फॉर्म-6 में बदलाव के लिए मतदाता पंजीकरण से जुड़े नियमों में संशोधन जरूरी है। सुखबीर सिंह संधू ने भी इस आपत्ति से सहमति जताई। बाद में संधू ने इस बदलाव को अनधिकृत और गैरकानूनी बताते हुए इसे हटाने की मांग की।

वहीं, आयोग ने बुधवार को इन आरोपों को खरिज कर दिया है। आयोग ने प्रेस नोट जारी कर अपना पक्ष साफ किया है। आयोग ने कहा है कि वह संविधान तहत काम करता है। आयोग के मुताबिक वह एक बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था है और उसके भीतर लिखित टिप्पणियां, सुझाव, तकनीकी राय और आंतरिक जांच-पड़ताल सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि उसकी सभी कार्रवाइयां कानून और आयोग के निर्देशों के मुताबिक की गई हैं।
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