भारत में फ्रांस के राजदूत अलेक्जेंड्रे जिग्लर ने राफले विमान विवाद पर कहा है, "इस पर मेरा बहुत छोटा सा जवाब है, केवल तथ्य देखें न कि ट्वीट्स।"
उन्होंने कहा कि राफेल सौदे में घोटाला नहीं हुआ है। भारत और फ्रांस के बीच विश्वास और सहयोग पर बात करते हुए उन्होंने लोगों से कहा कि केवल तथ्यों पर ध्यान दें, "क्या घोटाला? केवल तथ्य देखें न कि ट्वीट्स, यही मेरी सिफारिश है। इसमें कोई घोटाला नहीं हुआ है।"
फ्रेंच टेक कम्यूनिटी को लांच करते हुए उन्होंने कहा, "ट्रैक रिकॉर्ड को देखें, उस विश्वास को देखें जो दोनों देशों के बीच एयरोनॉटिक्स में बनाया गया है।"
उन्होंने कहा कि फ्रांस के बड़े निवेशक कई सालों से भारत में निवेश कर रहे हैं। "हमने भारत के साथ लंबे समय से सहयोग किया है। एयरबस, थाल्स, दसॉल्ट जैसी कंपनियां इस देश में सोर्सिंग कर रही हैं। तकनीक का हस्तांतरण दशकों से हो रहा है। हमने मेक इन इंडिया के लांच होने की प्रतिक्षा नहीं की है।"
बता दें राफेल सौदे में लड़ाकू विमान की कीमतों को लेकर विपक्षी पार्टियां शुरू से ही केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगा रही हैं। इस सौदे का विरोध कर रही मुख्य विपक्षी पार्टी का कहना है कि सरकार 1670 करोड़ रुपये प्रति राफेल की दर से विमान खरीद रही है जबकि पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान इसकी कीमत 526 करोड़ रुपये तय हुई थी।