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महिलाओं की तरक्की में मोटापा नहीं आएगा आड़े, डीजीसीए ने जारी किया एकसमान वजन का नियम

Thu, 29 Nov 2018 11:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत का विमानन नियामक महानिदेशालय (डीजीसीए) अंततः अपने चार साल पुराने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) मानदंडों को बदलने जा रहा है। केबिन क्र्यू और कॉकपिट के लिए चलाए जा रहे इस बॉडी मास इंडेक्स फॉर्मूले का डीजीसीए में भारी विरोध था इसे लिंग विरोधी भी माना जाता रहा है। लेकिन जल्द ही इसे एक समान कर दिया जाएगा। बता दें कि बीएमआई इंडेक्स पुरुष चालक दल और केबिन के कर्मचारियों के लिए अलग और महिला चालक दल और क्र्यू सदस्यों के लिए अलग- अलग था। जिसका लंबे समय से महिला कर्मचारियों द्वारा विरोध किया जा रहा था और इसे भेदभाव वाला भी कहा जाता था। 

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बीएमआई महिला और पुरुष चालक दल के लिए अलग नियम

बीएमआई यानी शरीर की लंबाई और वजन के आधार पर मोटापा तय करने का माप। इससे यह पता चलता है कि शरीर में वसा कितना है। मई 2014 में जारी डीजीसीए के नियमों  के मुताबिक, पुरुष केबिन चालक दल के लिए जहां यह माप 18-25 वर्ष के लिए सामान्य माना जाता है, जबकि महिला केबिन चालक दल के लिए यह 18-22 वर्ष के लिए ही था।  जिसे अब बराबर कर दिया गया है। पुरुष चालक दल के लिए 25-29.9 का बीएमआई अधिक वजन, 30 और उससे ऊपर, मोटापे से ग्रस्त माना जाता है, जबकि महिला चालक दल के लिए 22-27 का बीएमआई अधिक वजन और 27 और उससे अधिक, मोटापा माना जाता है।

पुरुषों और महिलाओं के बीच कोई भेद नहीं होगा

डीजीसीए के अधिकारी ने कहा कि "हम पायलटों और चालक दल के लिए एक ही बीएमआई सेट करेंगे और पुरुषों और महिलाओं के बीच कोई भेद नहीं होगा। हमने सुझावों के लिए कहा है लेकिन सभी के लिए, सामान्य बीएमआई 18-25 किए जाने की बात चल रही है और 30 से ऊपर बीएमआई समान रूप से मोटापे से ग्रस्त माना जाएगा। अधिकारी ने बताया कि मानदंड सभी एयरलाइंस पर एकसमान लागू किया जाएगा। मोटे और अधिक वजन वाले सेवा के लिए अनुपयुक्त माने जाते हैं।  
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हर चार साल और तीन साल पर होगा टेस्ट

अधिकारी ने बताया कि क्र्यू सदस्यों को इस इंडक्शन टेस्ट से हर तीन और चार साल पर गुजरना होगा। जबकि उन्हें एयरलाइन ज्वाइन करने वाले को मेडिकल टेस्ट के साथ ही सारी गाइडलाइन फॉलो करनी होगी। फिर चार-चार वर्षों पर जब तक वह चालीस साल के नहीं होते इसकी जांच की जाएगी और 50 वर्ष का होने तक हर तीन साल पर यह जांच की जाएगी।
 
एयरलाइन केबिन क्रयू के लिए फिट, टेंपररी अनफिट और परमानेंट अनफिट गाइडलाइन के हिसाब से घोषित किया जाएगा। सिर्फ फिट क्रयू के सदस्य ही उड़ान पर जा सकेंगे।  केबिन क्र्यू जो अनफिट पाए जाते हैं उन्हें तीन महीने का समय वजन कम करने के लिए दिया जाएगा और अगर वह दूसरे टेस्ट में भी फेल हो जाते हैं तो उन्हें छह महीने का समय दिया जाएगा।

क्या हैं बीएमआई के वैश्विक नियम 
डॉ अमित गोस्वामी सीनियर कंसलटेंट ने कहा किपुराने नियम के अनुसार जो एयर इंडिया को सबसे अधिक प्रभावित कर रहा है वह अधिक वजन होना है। बता दें कि 18 साल के लोगों के लिए वैश्विक तौर पर नॉर्मल बीएमआई 24.9 किलोग्राम रखा गया है। यदि कोई इस वजन को पार कर जाता है तो उसे अधिक वजन वाला माना जाएगा। 

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