खगोलविदों ने बृहस्पति की परिक्रमा कर रहे 12 नए चंद्रमाओं की खोज की है। इसके बाद बृहस्पति अब सबसे ज्यादा चांद वाला ग्रह बन गया है। वहीं, इससे पहले सबसे अधिक चांद वाला गृह शनि था, जिसके पास 83 चंद्रमा हैं। 12 नए चांद के बाद बृहस्पति के पास अब 92 चंद्रमा हो गए हैं।
वाशिंगटन में कार्नेगी इंस्टीट्यूशन फॉर साइंस के खगोलशास्त्री स्कॉट शेपर्ड के मुताबिक, बृहस्पति के 12 नए चंद्रमाओं की खोज की गई है। माइनर प्लेनेट सेंटर (एमपीसी) की ओर से इसका विवरण प्रकाशित किया गया है। शेपर्ड ने विश्लेषण के लिए अंतिम लापता जोवियन मून, एस/2003 जे 10 के डाटा को प्रयोग किया है।
340 दिन में पूरी करते हैं परिक्रमा
नए खोजे गए चंद्रमा 340 दिनों में अपनी परिक्रमाओं को पूरा करते हैं। इनमें से नौ उन 71 सबसे बाहरी जोवियन उपग्रहों में से हैं, जिनकी परिक्रमाएं 550 दिनों से अधिक में पूरा होती हैं। स्काई एंड टेलीस्कोप के मुताबिक, नए खोजे गए चंद्रमा में से तीन उन 13 उपग्रहों में से हैं जो विपरीत दिशा में परिक्रमा करते हैं।
नासा का जोवियन मिशन : बृहस्पति के इन चंद्रमाओं की ऐसे समय में हुई है, जब नासा जोवियन दुनिया का पता लगाने के लिए एक मिशन भेजने की तैयारी कर रहा है। यूरोपा क्लिपर मिशन पृथ्वी से परे महासागर की दुनिया का पहला समर्पित और विस्तार से स्टडी करने की तैयारी कर रहा है। अध्ययन से पता चलेगा कि यहां जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं या नहीं।
बृहस्पति, शनि, अरुण (यूरेनस) और वरुण (नेप्च्यून) को जोवियन ग्रह कहा जाता है। ये सूर्य से बहुत दूर परिक्रमा करते हैं। इन ग्रहों की कोई ठोस सतह नहीं है और ये मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम से बनी गैस के बड़े गोले हैं। वे स्थलीय ग्रहों (पृथ्वी, बुध, शुक्र और मंगल) से बहुत बड़े हैं।