रक्षाबंधन के मौके पर जहां एक ओर बहन अपने भाई की सलामती के लिए राखी बांधती है वहीं दूसरी ओर भाई बहन की रक्षा का वादा करता है। लेकिन उत्तरप्रदेश की राजधानी से एक अलग ही तस्वीर सामने आई है। लखनऊ में पेड़ों को बचाने के लिए लड़कियों ने उन्हें राखी बांधी।
#UttarPradesh Children in Lucknow tie Rakhi to trees and pledge to protect them pic.twitter.com/BOGA30xDx6
— ANI UP (@ANINewsUP) August 6, 2017
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- फोटो : ANI
ऐसा ही एक और मामला सामने आया है जहां भाई ने रक्षाबंधन पर अपनी बहन को शौचालय तोहफे के तौर पर दिया है। गोंडा में तैनात ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के जूनियर इंजीनियर ने गांव दरवर निवासी गरीब परिवार की सुमनदेवी की तीन वर्षीय पुत्री श्रद्घा को ऐसा तोहफा दिया कि सभी हैरान रह गए। उसने श्रद्घा को बहन मानते हुए उसे निजी धनराशि से निर्मित शौचालय की चाबी सौंपकर अनूठा तोहफा दिया। यही नहीं मुंहबोली बहन को कपड़े, मिठाई व खिलौने देकर उसका रक्षाबंधन खुशगवार करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
UP: Brother gave his sister a toilet as #RakshaBandhan gift in Gonda's Rudragarh Nausi village; says couldn't see my sister facing problems. pic.twitter.com/NiPW8yg1SH
— ANI UP (@ANINewsUP) August 6, 2017
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- फोटो : ANI
मुख्य विकास अधिकारी दिनेश चंद्र ने जेई के कदम की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन की कई बैठकों में चर्चा हुई कि विकास खंड क्षेत्र के अधिकारी और कर्मचारी रक्षाबंधन से पूर्व अपने क्षेत्र के गरीब परिवार को चिह्नित कर एक शौचालय का निर्माण अपनी स्वयं की निजी धनराशि से कराकर उनको बतौर तोहफा भेंट करेंगे।
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इससे प्रेरित होकर विकास खंड गोंडा के आरईएस के जूनियर इंजीनियर मुशीर अहमद द्वारा विकास खंड गोंडा के गांव नगला दरवर निवासी सुमन देवी पत्नी राजेंद्र को चिह्नित किया और उनकी तीन वर्षीय पुत्री श्रद्धा को बहन मानकर उसके लिए अपनी निजी धनराशि से एक स्वाभिमान शौचालय का निर्माण कराया और रक्षा बंधन के त्योहार पर उसे भेंट स्वरूप प्रदान किया।
शनिवार को विकास भवन में शौचालय समर्पण पर आयोजित कार्यक्रम में मुशीर अहमद जेई ने गांव दरवर निवासी सुमन देवी की पुत्री श्रद्धा को नवनिर्मित शौचालय की चाबी प्रदान की। सीडीओ दिनेश चंद्र ने अन्य अफसरों को भी उनका अनुसरण करने को कहा। कार्यक्रम में पीडी डीआरडी व उपायुक्त मनरेगा अमरेंद्र प्रताप सिंह, आरईडी के अधिशासी अभियंता एमएम बेग समेत अन्य अफसर मौजूद थे।