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अगली जुलाई से बदल जाएंगे ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी, होंगे ये बदलाव

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 14 Oct 2018 09:34 AM IST
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साल 2019 की जुलाई से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा में होने वाले ड्राइविंग लाइसेंस और वीकल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) एक जैसे होंगे। इनका रंग, डिजाइन तो एक जैसा होगा ही साथ ही सिक्योरिटी फीचर भी एक जैसे होंगे।



स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस और वीकल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में माइक्रोचिप के अलावा क्यूआर कोड्स होंगे। इनमें नियर फील्ड फीचर (एनएफसी) भी होंगे जो अभी केवल मेट्रो कार्ड और एटीएम कार्ड में मौजूद होते हैं। इससे ट्रैफिक पुलिस अपने पास मौजूद डिवाइस की सहायता से कार्ड में मौजूद जानकारी हासिल कर सकती है।


नए ड्राइविंग लाइसेंस में इस बात की भी जानकारी होगी कि ड्राइवर ने  अंग दान किया है और शारीरिक विकलांगता के कारण कहीं वह विशेष तौर पर डिजाइन किए गए वाहन तो नहीं चला रहे।


गाड़ी के इमिशन की सारी जानकारी भी आरसी में मौजूद होगी ताकि प्रदूषण के नियंत्रण में सुविधा मिल सके। सड़क व परिवहन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि अभी अगर कोई प्रदूषण के लिए टेस्ट करता है तो उसे गाड़ी के मालिक से गाड़ी से संबंधित जानकारी लेनी होती है। देशभर में 32 हजार ड्राइविंग लाइसेंस रोजाना जारी होते हैं या फिर रिन्यू होते हैं। वहीं रोजाना 43 हजार वाहन रजिस्टर्ड और री रजिस्टर्ड होते हैं।


परिवहन मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि एनएफसी फीचर की सहायता से ट्रैफिक पुलिस अपने डिवाइस से ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी से जानकारी ले सकते हैं। इसके लिए क्यूआर कोड को पढ़ा जा सकता है। इससे यूआरएल में शामिल जानकारी तो मिलती ही हैं, साथ ही वाहन से संबंधित पुराने रिकॉर्ड भी मिल जाते हैं। इस नए ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी में सभी फीचर होने के बावजूद भी 15-20 रुपये से अधिक खर्चा नहीं आएगा।

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