10 दिसंबर को परभणी रेलवे स्टेशन के बाहर कुछ उपद्रवी तत्वों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास संविधान का अपमान किया था। इससे एक दिन पहले बीड में सरपंच संतोष देशमुख की हत्या कर दी गई थी। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने विधानसभा में परभाणी हिंसा का मुद्दा उठाया था। मुख्यमंत्री फडणवीस सदन में हिंसा की न्यायिक जांच कराने का एलान किया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परभणी हिंसा मामले की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की है। नागपुर में चल रहे महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र में उन्होंने कहा कि आंबेडकर किसी एक जाति के नहीं है। बल्कि वे सभी के हैं। उन्होंने कहा कि संविधान की प्रतिकृति से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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बीड के एसपी का किया गया तबादला: सीएम
विधानसभा में सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बीड में मसजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी पर मकोका लगाया गया है। इसके साथ ही बीड के पुलिस अधीक्षक का तबादला कर दिया गया है। इस मामले की भी न्यायिक जांच कराई जाएगी।
मराठी परिवार पर हमले का मुद्दा भी उठा
विधानसभा में शिवसेना (यूबीटी) के विधायक सुनील प्रभु ने कल्याण में एक मराठी परिवार पर हुए हमले का मुद्दा उठाया। विधायक ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसे लेकर डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा कि विधायक की ओर से दी गई जानकारी को जांचा जाएगा। आरोपी कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो, कार्रवाई की जाएगी। राज्य में मराठी लोगों का सम्मान बनाए रखा जाएगा। आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करेंगे।
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महाराष्ट्र और मुंबई मराठों का था, है और रहेगा: फडणवीस
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मामले में आरोपी अखिलेश शुक्ला और उनकी पत्नी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वह एमटीडीसी के कर्मचारी हैं। उन्हें निलंबित करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि मुंबई और महाराष्ट्र मराठियों का था, है और रहेगा। कभी-कभी कुछ लोग गलत बयानबाजी करते हैं। हम ऐसे लोगों को सबक सिखाएंगे। इस घटना को राजनीतिक रंग देने का कोई कारण नहीं है। हम मराठी लोगों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। अगर भविष्य में ऐसी शिकायतें मिलीं तो कार्रवाई की जाएगी।
10 दिसंबर को परभणी में हुई थी हिंसा
10 दिसंबर को परभणी रेलवे स्टेशन के बाहर कुछ उपद्रवी तत्वों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास संविधान का अपमान किया। इससे लोग नाराज हो गए। आंबेडकर और संविधान का अपमान देख लोग भड़क गए। इसके बाद आंबेडकर के समर्थकों ने बंद का आह्वान किया था, लेकिन भीड़ ने कई दुकानों पर तोड़फोड़ की और वाहनों में आग लगा दी। इससे स्थिति हिंसक हो गई। इस मामले में तीन मामले दर्ज किए और 51 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं परभाणी हिंसा के एक दिन पहले बीड में मसजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी।