जज लोया मामले को लेकर बॉम्बे लायर्स एसोसिएशन ने सोमवार सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की। याचिका में विशेष सीबीआई जज बीएच लोया की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग को खारिज किए जाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। जज लोया सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर मामले की जांच कर रहे थे और इस मामले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी आरोपी रहे हैं।
19 अप्रैल को अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने दाखिल कई याचिकाओं को खारिज कर दिया था और जज लोया की मौत को प्राकृतिक कारणों से हुई करार दिया था। साथ ही कहा था कि इस मामले में साथी जजों के बयानों पर संदेह करने की कोई वजह नहीं है। याचिकाकर्ताओं की मकसद न्यायपालिका और जजों की छवि को खराब करना है। जज लोया की मौत 1 दिसंबर 2014 को नागपुर में कार्डियक अटैक पड़ने से हो गई थी। वह अपने एक साथी जज की बेटी की शादी में शामिल होने गए थे।
पुनर्विचार याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला न्याय की हत्या है। इस मामले के कई तथ्यों को देखते हुए फैसले में न्याय नहीं हुआ है। न्याय के हित में यह जरूरी है कि फैसले और आदेश की फिर से समीक्षा की जाए। साथ ही याचिका में कहा गया है कि दाखिल की पुनर्विचार याचिका का मकसद न तो इस मामले को सनसनीखेज बनाना है और न ही न्यायपालिका की स्वतंत्रता तथा न्यायिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमतर करने की कोई कोशिश है। न ही इस मामले में बयान देने वाले जजों की गरिमा को खराब करने या उन पर पक्षपात का आरोप लगाने की कोई कोशिश है।