वक्फ संशोधन विधेयक पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि इस विधेयक से गरीब और पिछड़े मुसलमानों को लाभ होगा। उन्होंने आज के दिन को ऐतिहासिक बताया, क्योंकि आज लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश होगा। इस दौरान उन्होंने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप भी लगाया।
भाजपा सांसद और वक्फ संशोधन विधेयक पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने बुधवार को कहा कि इस विधेयक से गरीब और पसमांदा (पिछड़े) मुसलमानों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि जेपीसी की कड़ी मेहनत रंग लाई है। पाल ने कहा कि जेपीसी की बैठकें आयोजित की गईं और विपक्ष को हर दिन आठ घंटे सुना।
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जगदंबिका पाल ने आज के दिन को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, 'सरकार आज संशोधित रूप में विधेयक को संसद में लेकर आ रही है। यह निश्चित रूप से एक ऐतिहासिक दिन है। आज इस विधेयक के पारित होने से गरीब और पसमांदा मुसलमानों को लाभ मिलने जा रहा है।'
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर राजनीतिकरण करने का आरोप
पाल ने विधेयक के विरोध पर भी बात की। इस दौरान भाजपा सांसद ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'चाहे विपक्ष हो या ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जो रमजान में नमाज के दौरान मस्जिदों में काली पट्टी बांधने की अपील कर रहा है, वे इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं।'
मुसलमानों के लिए सबसे बड़ी 'ईदी' होगी बिल में संशोधन: रजा
भाजपा नेता मोहसिन रजा ने वक्फ संशोधन विधेयक संसद में पेश किए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिल में संशोधन पारित होना हाशिये पर पड़े मुसलमानों के लिए सबसे बड़ी 'ईदी' होगी।
चर्चा में विपक्ष के मुद्दों पर हो विचार: चमाला
इस बीच, कांग्रेस सांसद किरण कुमार चमाला ने कहा कि यदि विधेयक किसी विशेष समुदाय के खिलाफ है या उसे खत्म करने की कोशिश करता है, तो वे इसका विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने आज लोकसभा में आठ घंटे की चर्चा आयोजित करने पर सहमति दी है। चर्चा के दौरान, विपक्षी सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विचार किया जाना चाहिए, क्योंकि यह एक लोकतांत्रिक मंच है। उन्होंने कहा कि मुद्दों को जेपीसी की तरह ध्वस्त नहीं करना चाहिए।