भाजपा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष जेपी नड्डा सभा को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ काम करने का मौका मिला। मुझे खुशी है कि लंबे समय तक अमित भाई के साथ काम करने का मौका मिला है। नेतृत्व मेरे साथ और आप जैसे कार्यकर्ता मेरे साथ हैं, मैं पूरी ताकत के साथ काम करूंगा। विश्वास और सहयोग के लिए मैं सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं।
भाजपा मुख्यालय में पीएम मोदी का संबोधन: पार्टी का विस्तार होते रहना चाहिए। भाजपा के साथ नहीं पीढ़ियां जुड़ती जा रही हैं। भाजपा अपने मूल्यों और आदर्शों पर आगे बढ़ी। भारत में चुनाव लगातार चलने वाली राजनीतिक प्रक्रिया है। भाजपा मर्यादा का पालन करती है और करेगी। सत्ता में रहकर पार्टी को चलाना मुश्किल काम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेपी नड्डा को पार्टी अध्यक्ष बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि कभी हम एक ही स्कूटर पर बैठकर काम करते थे। उन्होंने कहा कि हम सबके लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि राजनीति में जिन आदर्शों और मूल्यों को लेकर हम चले थे, जिन आदर्शों, मूल्यों के लिए 4-5 पीढ़ियां खप गईं, उन्हीं आदर्शों और मूल्यों को लेकर और राष्ट्र की आशा-आकांक्षों को लेकर भाजपा ने अपने आप को ढाला, अपना विस्तार किया।
पीएम नरेंद्र मोदी भाजपा मुख्यालय पहुंचे। अमित शाह और जेपी नड्डा ने उनका स्वागत किया। कुछ देर में पीएम मोदी करेंगे कार्यकर्ताओं को संबोधित।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा- हमारे लिए आज गर्व और खुशी का दिन। भाजपा वंशवाद के आधार पर नहीं चलती। मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा ने ऐसे राज्यों में भी सरकार बनाई जहां उम्मीद नहीं कर सकती थी। नड्डा जी के नेतृत्व में पार्टी को नए मुकाम पर ले जाने के लिए तैयार हैं। मोदी जी और नड्डा जी के नेतृत्व में हम परिश्रम की पराकाष्ठा के लिए खुद को तैयार करें।
जेपी नड्डा बने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष। अमित शाह की मौजूदगी में संभाली कमान।
भाई से की मुलाकात
जेपी नड्डा ने अपने भाई से दिल्ली मुख्यालय में मुलाकात की। उन्हें निर्विरोध भाजपा अध्यक्ष चुना गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थोड़ी देर में भाजपा मुख्यालय पहुंचने वाले हैं जहां वे जेपी नड्डा को पार्टी का अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई और शुभकामनाएं देंगे। वे भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक भी करेंगे। इसके अलावा पीएम मोदी कार्यकर्ताओं को संबोधित भी करेंगे।
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा को निर्विरोध भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष चुन लिया गया है। राष्ट्रीय कार्यालय में संपन्न हुई चुनावी प्रक्रिया के दौरान अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहे।
जेपी नड्डा की पत्नी मल्लिका ने कहा, 'हम सभी के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण दिन है। परिवार, बिलासपुर और हमारे हिमाचल प्रदेश राज्य सहित हर कोई आज बहुत खुश है क्योंकि यह इतने छोटे राज्य के एक व्यक्ति को दी जा रही बड़ी जिम्मेदारी है।'
जेपी नड्डा और उनकी पत्नी मल्लिका नड्डा भाजपा मुख्यालय के लिए अपने आवास से रवाना हो गए हैं। जहां पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नामांकन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नए भाजपा अध्यक्ष पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्रियों के साथ सोमवार शाम को बैठक करेंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भाजपा मुख्यालय में कहा, 'मुझे पूरा विश्वास है कि जेपी नड्डा देश के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर चुने जाएंगे।'
जेपी आंदोलन से सुर्खियों में आए जगत प्रकाश नड्डा के लिए सोमवार का दिन अहम रहने वाला है। सोमवार को उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की आधिकारिक घोषणा की जाएगी और इसके बाद पहली बार भाजपा की कमान हिमाचल का कोई नेता संभालेगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के अलावा नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल समेत तकरीबन सभी बड़े नेताओं ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है। वहीं, नड्डा के परिवार के सदस्य और रिश्तेदार भी दिल्ली पहुंच गए हैं।
जेपी नड्डा 1977 से 1979 तक रांची में रहे। उनके पिता रांची विश्वविद्यालय के कुलपति व पटना विवि के प्रोफेसर रहे। 1975 में जेपी आंदोलन में भाग लेने के बाद जगत प्रकाश नड्डा बिहार में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए।
1977 में छात्र संघ का चुनाव लड़ा और सचिव बने थे। पटना से स्नातक के बाद नड्डा ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की। 1983 में पहली बार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में वह विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष चुने गए।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने वाले जगत प्रकाश नड्डा 1993 में हिमाचल विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद भाजपा विधायक दल के नेता बने थे। 1998 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद नड्डा को पार्टी सीएम बनाना चाह रही थी लेकिन उनके पीछे हटने से प्रेम कुमार धूमल का नाम प्रस्तावित किया गया। 2009 में मंत्री पद छोड़कर वह दिल्ली चले गए।