22 जनवरी को राम मंदिर का उद्घाटन किया जाएगा। इस अवसर पर भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इसी सिलसिले में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को भाजपा महासचिवों के साथ बैठक की। इस दौरान लोकसभा चुनावों की योजनाओं पर भी चर्चा की गई। भाजपा हाईकमान की बैठक नड्डा के आवास पर आयोजित हुई।
बैठक में यह नेता मौजूद
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को आयोजित हुई बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष, संयुक्त महासचिव (संगठन) शिव प्रकाश, और महासचिव अरुण सिंह, तरुण चुघ, राधा मोहन दास अग्रवाल और सुनील बंसल सहित अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता भूपेंद्र यादव, धर्मेंद्र प्रधान और अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे।
कई मुद्दों पर हुई चर्चा
पार्टी के सूत्रों का कहना है कि राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े कई आयोजनों के बारे में चर्चा की गई। संतोष, बंसल, तावड़े, चुघ सहित अन्य नेताओं का मानना है कि बुधवार को अयोध्या में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा सकती है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों से दर्शन के लिए अयोध्या आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए प्रदेश नेताओं को भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके अलावा, पार्टी सूत्रों ने बताया कि बैठक में नड्डा ने लोकसभा चुनवों पर भी चर्चा की। उन्होंने भाजपा की तैयारियों की भी समीक्षा की। पार्टी उम्मीदवारों के नामो पर विस्तार से चर्चा की गई।
पीएम मोदी जाएंगे अयोध्या
रामदुआरे तुम रखवारे, होत न आज्ञा बिनु पैसारे...पीएम नरेंद्र मोदी इसे सिद्ध करके ही 22 जनवरी को श्रीराम जन्मभूमि में प्रवेश करेंगे। मान्यता है कि अयोध्या में हनुमंत लला यहां के राजा के रूप में विराजमान हैं। बिना उनकी अनुमति के यहां कोई शुभ काम नहीं होता है। इसी मान्यता के चलते प्रधानमंत्री सबसे पहले हनुमंत लला के दरबार में हाजिरी लगाएंगे। उनसे अनुमति लेंगे। फिर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए राम जन्मभूमि प्रस्थान करेंगे।
प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का अनुष्ठान 16 जनवरी से शुरू होगा। अनुष्ठान में पीएम मोदी सबसे पहले संकल्प लेकर देश को समर्पित करेंगे। फिर रामलला का षोडशोपचार पूजन करेंगे। यह करीब 20 मिनट का होगा। षोडशोपचार पूजन व महापूजन को मिलाकर गर्भगृह में कुल पूजा का वक्त 40 मिनट का होगा। 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए 84 सेकेंड का अति सूक्ष्म मुहूर्त होगा, जो 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकेंड से 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकेंड होगा। पूजन के दौरान गर्भगृह में 11 लोग मौजूद रह सकते हैं। पूजन आचार्य लक्ष्मीकांत व गणेश्वर द्रविड़ के निर्देशन में होगा।