राजधानी के पत्रकारों ने वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी व उनके साथ अपराधियों के समान व्यवहार किए जाने की कड़ी निंदा की है। प्रेस क्लब में शनिवार को जुटे पत्रकारों ने कहा कि बिना जांच के ही उनके साथ अपराधियों जैसा सलूक किया जा रहा है। सभी ने एक स्वर में विनोद वर्मा की गिरफ्तारी को पत्रकारों पर हमला करार देते हुए कहा कि इसे रोका जाना चाहिए।
इतना ही नहीं उन्होंने गिरफ्तारी के पीछे राजनीतिक षडयंत्र की भी जांच की मांग की। कई पत्रकारों ने लीगल एड की जरूरतों पर जोर देने को ताकि पत्रकारों को ऐसे मामलों में कानूनी सहायता मिल सके।
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विनोद वर्मा की गिरफ्तारी के विरोध में प्रेस क्लब में आयोजित सभा में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश ने कहा कि छत्तीसगढ़ की रमन सरकार बौखला गई है। पत्रकारों का दमन कर रही है। हम जानते हैं कि किसी तरह की सीडी नहीं पकड़ी गई है। जिस सीडी की बात हो रही है वह छत्तीसगढ़ में गांव-गांव के लोगों के पास है। विनोद वर्मा कांग्रेसी नहीं हैं, वे पत्रकार है।
वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी ने कहा कि उनके खिलाफ मंत्री ने शिकायत नहीं दर्ज कराई है। यदि विनोद वर्मा ने कोई अपराध किया है तो उसकी जांच की जानी चाहिए लेकिन जिस तरह से कार्रवाई की गई, स्पष्ट है कि उन्हें फंसाया गया है।
वरिष्ठ पत्रकार एमके वेणु ने कहा कि पत्रकारों के लिए कानूनी सहायता की आवश्यकता है। विनोद वर्मा की गिरफ्तारी का विरोध होना चाहिए और इस पूरे मामले में हमें वरिष्ठ वकील से बात करनी चाहिए।