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बहादुर हसीना ने बांग्लादेश में 'दूसरी क्रांति' का नेतृत्व किया : एमजे अकबर

Tue, 17 Jan 2023 03:36 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एमजे अकबर (फाइल)
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प्रख्यात विचारक एमजे अकबर ने कहा कि शेख मुजीबुर रहमान की क्रांति ने जहां 1971 में बांग्लादेश को आजादी दिलाई, वहीं उनकी बेटी प्रधानमंत्री शेख हसीना ने तानाशाही को हराकर और लोकतंत्र को फिर से स्थापित करके ‘दूसरी क्रांति’ की। इस दौरान अकबर ने शेख हसीना को एक बांग्ला बहादुर के रूप में वर्णित किया। पत्रकार और पूर्व केंद्रीय मंत्री अकबर ने यह भी कहा कि बांग्लादेश एक ‘आधुनिक’ राष्ट्र बनने की राह पर आगे बढ़ रहा है।
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अकबर सोमवार को कोलकाता में एक संगठन इंडिया नैरेटिव द्वारा आयोजित एक समारोह में भारत-बांग्लादेश संबंधों पर ढाका स्थित लेखक और पत्रकार सैयद बदरुल अहसान के साथ बातचीत कर रहे थे। राज्यसभा के पूर्व सांसद अकबर ने कहा कि 1971 का युद्ध न केवल मुक्ति का युद्ध था। यह विचारधारा का युद्ध भी था। अकबर ने कहा कि शेख मुजीबुर रहमान ने 1971 में पूर्वी पाकिस्तान को मुक्त करने और बांग्लादेश बनाने के लिए विद्रोह का नेतृत्व किया, जबकि उनकी बेटी प्रधानमंत्री शेख हसीना ने तानाशाही को हराकर और लोकतंत्र को फिर से स्थापित करके दूसरी क्रांति का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि उन्हें बंगबीर (बांग्ला बहादुर) के रूप में वर्णित किया जा सकता है।

शेख हसीना 2009 में सत्ता में आईं, आपातकाल की स्थिति को समाप्त कर दिया। उस दौरान सेना द्वारा समर्थित एक कार्यवाहक सरकार ने शासन कर रही थी। स्वतंत्रता के 51 वर्षों के दौरान, बांग्लादेश सैन्य तख्तापलट से घिरा रहा था और 2009 से शेख हसीना का कार्यकाल लोकतांत्रिक शासन की लंबी अवधि के रूप में सामने आया है।
वरिष्ठ पत्रकार जो कई किताबें लिख चुके हैं, ने कहा कि फ्रांसीसी क्रांति के समय से लोग स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के बारे में सुन रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब, उस आधुनिकता में एक और महत्वपूर्ण तत्व जोड़ा जाना चाहिए। आधुनिकता लोकतंत्र है, आधुनिकता धार्मिक स्वतंत्रता है, और सबसे महत्वपूर्ण, गरीबी उन्मूलन। बांग्लादेश आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है।
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वहीं, अहसान ने कहा कि बांग्लादेश एक मजबूत देश है और उसने आजाद होने के एक साल के भीतर अपना संविधान अपनाया और दो साल के भीतर अपना पहला आम चुनाव कराया। अपने देश में महिला सशक्तिकरण पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्रियों के अलावा हमारे पास पुलिस बल में नौकरशाहों के रूप में महिलाएं हैं, जो संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के सदस्य और उप-कुलपति के रूप में जाती हैं। अहसान ने कहा कि 2024 की शुरुआत में होने वाले बांग्लादेश में अगले आम चुनाव में प्रमुख मुद्दों में भ्रष्टाचार को संबोधित करना, रूस-यूक्रेन युद्ध के बावजूद आर्थिक विकास जारी रखना और एक मजबूत विदेश नीति बनाए रखना शामिल होगा।
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