केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को सत्र अदालत के एक फैसले को खारिज किया है। सत्र अदालत ने आईएएस अधिकारी श्रीराम वेंकटरमन के खिलाफ लगे गैर इरादतन हत्या को खारिज कर दिया था। आईएएस पर आरोप था कि वह तेज रफ्तार में कार चला रहे थे, जिससे पेशे से पत्रकार बशीर की मौत हो गई थी। जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने सत्र अदालत के इसी फैसले को आंशिक रूप से खारिज कर दिया है।
जानिए, हाईकोर्ट ने क्या कहा
मामले में हाईकोर्ट का कहना है कि हादसे के दौरान आईएएस तेज रफ्तार कार चला रहे थे। मामले में अधिकारी ने सबूत मिटाने की कोशिश भी की थी। कोर्ट ने मामले में फिरोज को भी आरोपी माना है। फिरोज पर आरोप था कि उसने आईएएस को तेज गाड़ी चलाने के लिए उकसाया था। सत्र अदालत ने पिछले साल अक्टूबर में वेंकटरमन के खिलाफ धारा 304 का आरोप तो हटा दिया था। लेकिन कोर्ट ने आईएएस को धारा 304 (ए) और 279 सहित अन्य धाराओं में आरोपी माना था। इसके बाद राज्य सरकार ने सत्र अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया।
यह है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, 2019 में आईएएस एक पार्टी में शामिल होकर नशे में कार चलाकर घर जा रहा था। साथ में बैठा फिरोज उसे गाड़ी तेज चलाने के लिए उकसा रहा था। इसी दौरान बाइक से जा रहे पत्रकार बशीर को टक्कर मार दी। बशीर की मौके पर मौत हो गई। आईएएस ने दुर्घटना के नौ घंटे बाद जांच के लिए पुलिस को खून का सैंपल दिया। हादसे के करीब 17 घंटे बाद अधिकारी को गिरफ्तार किया गया। दो दिन बाद उन्हें सेवा से निलंबित कर दिया गया। उसका ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया।
2020 में की बहाली
हालांकि, वेंकटरमन को मार्च 2020 में बहाल कर दिया गया। उन्हें संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य के रूप में नियुक्त किया गया। पिछले साल जुलाई में अधिकारी को अलप्पुझा कलेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया, लेकिन जनता और राजनीतिक दलों की आलोचना के कारण उन्हें हटा दिया गया था। वर्तमान में उन्हें केरल राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक के रूप में नियुक्त किया गया है।