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Job Fraud: फर्जी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़, 50,000 लोगों को बना चुका है शिकार

Sat, 31 Dec 2022 11:16 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर

सार

ओडिशा पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले लोगों के एक समूह द्वारा इस रैकेट को संचालित किया जा रहा था। आरोपी फर्जी सरकारी वेबसाइट बना कर नौकरी के नाम पर लोगों को ठगते थे।
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Odisha Police - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने फर्जी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश के साथ उत्तर प्रदेश से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शनिवार को कहा कि इस धोखाधड़ी में शामिल गिरोह का जाल देशभर में फैला था और करीब 50,000 लोग इसके शिकार हो चुके हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा गया है कि फर्जी नौकरी के नाम पर ठगी करने का यह देश का सबसे बड़ा स्कैम हो सकता है।

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ईओडब्ल्यू के उप महानिरीक्षक जय नारायण पंकज ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रहने वाले लोगों का एक समूह इस रैकेट को चला रहा था। आरोपी फर्जी सरकारी वेबसाइट बनाकर नौकरी के नाम पर लोगों को ठगते थे। साथ ही युवाओं को आकर्षित करने के लिए नौकरी के फर्जी विज्ञापन भी निकालते थे।

उन्होंने कहा कि ओडिशा के अलावा, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के नौकरी चाहने वालों को जालसाजों ने निशाना बनाया और ठगा। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, जालसाजों ने देशभर में लगभग 50,000 लोगों से ठगी की है।
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रैकेट में कॉल सेंटर के 50 कर्मचारी भी शामिल
अधिकारी ने बताया कि मुख्य आरोपियों में से एक जफर अहमद (25) को ईओडब्ल्यू ने अलीगढ़ के सिविल लाइंस इलाके से गिरफ्तार किया है, जो पेशे से इंजीनियर है। पुलिस के मुताबिक, इस गैंग को एक कॉल सेंटर के 50 कर्मचारियों द्वारा सहायता प्रदान की गई, जिन्हें प्रति माह 15,000 रुपये का भुगतान किया जाता था। सभी उत्तर प्रदेश के जमालपुर और अलीगढ़ के रहने वाले हैं।

धोखाधड़ी में 1,000 से अधिक सिम कार्ड का किया गया इस्तेमाल
पंकज ने कहा कि इस धोखाधड़ी में 1,000 से अधिक सिम कार्ड और 530 मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया गया। पंकज ने कहा कि जालसाजों ने धोखाधड़ी के लिए लगभग 100 बैंक खातों का इस्तेमाल किया और सिर्फ जन सेवा केंद्र से पैसा निकालते थे।

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