एबीवीपी एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की आपस में भिड़ंत
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दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई झड़प का विवाद अब गुजरात तक पहुंच गया है। मंगलवार को राज्य के अहमदाबाद में एबीवीपी और एनएसयूआई के छात्र आपस में भिड़ गए। अहमदाबाद एबीवीपी दफ्तर के पास दोनों गुट आमने-सामने आ गए जिसके बाद दोनों ही तरफ से जमकर पत्थर-लाठी चलाए गए। वहीं एनएसयूआई के कार्यकर्ता निखिल सवानी को चाकू मारे जाने की शर्मनाक घटना सामने आई है। एनएसयूआई ने चाकू मारने का आरोप अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं पर लगाया है। संगठन ने इस घटना के विरोध में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित कुमार के इस्तीफे की मांग की है। निखिल सवानी की हालत गंभीर बताई गई है। इस समय अहमदाबाद के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। एबीवीपी की तरफ से इस घटना पर अभी कोई जवाब नहीं आया है।
दरअसल, यह मारपीट उस समय हुई जब राज्य के अहमदाबाद में स्थित एबीवीपी दफ्तर के बाहर जेएनयू हिंसा को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहा था। तभी वहां एनएसयूआई और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं में जमकर भिड़ंत हो गई। दोनों दलों के कार्यकर्ता एक-दूसरे पर लाठियां चलाने लगे।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव साइमन फारूकी ने बताया कि जेएनयू में छात्रों पर हुई हिंसा के विरोध में उनके कार्यकर्ताओं ने एबीवीपी के कार्यालय के बाहर मंगलवार सुबह एक प्रदर्शन का आयोजन किया था। फारूकी के मुताबिक इस प्रदर्शन के शुरू करते ही एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने उनसे मारपीट करना शुरू कर दिया। उनके कार्यकर्ताओं को लाठी डंडे और सरिये से पीटा गया। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उनके ऊपर घातक प्रहार किए। इसी दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ता निखिल सवानी को किसी ने चाकू मार दी। उनकी हालत गम्भीर बताई गई है।
फारूकी ने कहा कि जेएनयू के छात्रों पर हमला देश की शिक्षा व्यवस्था और लोकतंत्र की बुनियाद कमजोर करने वाला है। अब तक यह साफ हो हो गया है कि भाजपा देश को शांति और स्थिरता देने में बिल्कुल नाकाम साबित हुई है। ऐसे में भाजपा को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई इस हमले के विरोध में गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करती है क्योंकि उनके रहते देश में शांति स्थापित नहीं हो सकती।