भाजपा के प्रवक्ता नलिन कोहली
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जो हिंसा पर उतरे हैं उनके पास अब नैतिक आधार कहां- भाजपा
जेएनयू के प्रदर्शनकारी छात्रों, कांग्रेस, वाम दलों के नेताओं के आरोप, विपक्ष के आरोप पर भाजपा के प्रवक्ता नलिन कोहली से बात हुई। नलिन कोहली का कहला है कि किसी भी तरह की हिंसा की भाजपा तीव्र भर्त्सना करती है। कोई भी हिंसा जायज नहीं है और जो हिंसा करते हैं वह अपनी मांग जायज बताने का नैतिक आधार खो देते हैं। नलिन कोहली का कहना है कि चाहे यह हिंसा में घायल वामपंथी छात्रों की बात हो या अन्य घायलों की हिंसा कदापि उचित नहीं है।
कुछ दिन पहले जेएनयू में हिंसा होने पर कोहली का कहना है कि इसकी भी जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इस हिंसा की घटना के पहले विश्वविद्यालय में सीसीटीवी कैमरे तोड़े गए। इसकी भी जांच होनी चाहिए। संभव है कि यह सब साजिशन हो? नलिन कोहली यह भी कहते हैं कि जांच चल रही है और जांच में समय लगता है। सब कुछ रातों रात संभव नहीं है। जेएनयू मामले के समाधान को लेकर नलिन कोहली का कहना है कि इसका समाधान दोनों तरफ से होना चाहिए। कहने का अर्थ साफ है कि कुछ छात्र समाधान के लिए नरमी बरतकर, छात्र बनकर आगे आएं और कुछ सरकार, विश्वद्यिालय प्रशासन।
जेएनयू छात्रों के टुकड़े-टुकड़े गैंग को लेकर आपत्ति पर नलिन कोहली का कहना है कि जेएनयू के पढ़ने-लिखने वाले छात्र टुकड़े-टुकड़े गैंग नहीं हैं। यह तो एक सीमित संख्या के छात्रों की छोटी सी संख्या है। यह वो छात्र हैं जिन्हें जम्मू-कश्मीर की आजादी चाहिए। जो नारा लगाते हैं कि अफजल हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं। जब कोहली से पूछा गया कि क्या ये प्रदर्शनकारी छात्र वहीं हैं तो उन्होंने कहा, ऐसा वह कैसे कह सकते हैं।
कांग्रेस और विपक्ष अपनी पार्टी संभालें- भाजपा
कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश, मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला समेत अन्य ने जेएनयू में इस तरह की अशांति के लिए सीधे केन्द्र सरकार पर निशाना साधा है। जयराम रमेश मे विश्वविद्यालय के कुलपति और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह का इस्तीफा मांगा है। इस सवाल के जवाब में भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस को चाहिए कि आरोपों की राजनीति करने की बजाय अपने नेतृत्व की चिंता करें। कांग्रेस के नेताओं को चाहिए कि वह भाजपा और भाजपा के नेताओं की चिंता करना छोड़ दें।