जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त किए जाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा स्थिति में काफी सुधार हुआ है और आतंकवाद आखिरी सांसें गिन रहा है। पुंछ में सेना के वाहनों पर आतंकी हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सिन्हा ने कहा, हम ऐसी हिंसा की सख्त निंदा करते हैं। यह घाटी में शांति भंग करने के पड़ोसी देश के प्रयासों का हिस्सा है। हालांकि यह व्यर्थ का प्रयास है क्योंकि आतंकवाद दम तोड़ रहा है।
बंगाल की सुरक्षा व्यवस्था से की तुलना
बंगाल चेंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यक्रम में कुछ सवालों के जवाब में सिन्हा ने कहा कि कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति बंगाल से बेहतर है। बाद में इसपर विवाद होने पर उन्होंने कहा कि उनके बयान का राजनीतिक अर्थ न निकाला जाए। उनके कहने का अर्थ सिर्फ इतना था कि कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति उतनी है अच्छी है जैसी बंगाल में है।
तृणमूल कांग्रेस ने किया पलटवार
पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था की स्थिति की तुलना करने वाली उनकी टिप्पणी पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने सिन्हा से उपराज्यपाल की कुर्सी का दुरुपयोग नहीं करने का आग्रह किया और पश्चिम बंगाल के खिलाफ आधारहीन टिप्पणी करने को लेकर आगाह किया। उन्होंने कहा, 'उन्हें अपने पूर्ववर्ती सत्यपाल मलिक से चर्चा करनी चाहिए।'
ऐतिहासिक रास्ता तैयार कर रहा केंद्र शासित प्रदेश
'जम्मू कश्मीर में उद्योग की गुंजाइश' विषय पर आयोजित कार्यक्रम में सिन्हा ने कहा, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद से जम्मू-कश्मीर अब एक ऐतिहासिक रास्ता तैयार कर रहा है। औद्योगिक विकास के लिए एक ठोस नींव बनाई गई है। जम्मू-कश्मीर में निवेश करना उन लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प होगा जो विकास चाहते हैं।
सर्वोच्च न्यायालय ने बरकरार रखा सरकार का फैसला
उच्चतम न्यायालय ने पिछले सप्ताह सर्वसम्मति से पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को 2019 में निरस्त करने के फैसले को बरकरार रखा था। शीर्ष अदालत ने अगले साल सितंबर के अंत तक वहां विधानसभा चुनाव कराने तथा जल्द से जल्द राज्य का दर्जा बहाल करने का आदेश दिया था।
भ्रष्टाचार मुक्त क्षेत्र के रूप में ऊभर रहा जम्मू- कश्मीर
सिन्हा ने कहा, हमने पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर बनाने का फैसला किया। बागवानी क्षेत्र की तरह केंद्र शासित प्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर एक शांतिपूर्ण और भ्रष्टाचार मुक्त क्षेत्र के रूप में उभर रहा है। पिछले साल केंद्र शासित प्रदेश में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक आए थे। उपराज्यपाल ने आश्वासन दिया कि वहां किए गए निवेश सुरक्षित और संरक्षित होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश एमएसएमई और बड़े उद्योगों दोनों का स्वागत करता है