जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आर-आर स्वैन ने मंगलवार को एक आंतकवाद से जुड़ा एक आंकड़ा जारी किए। उन्होंने बताया कि आंतकवाद से संबंधित घटनाओं में ड्यूटी के दौरान अबतक करीब छह हजार सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई। इनमें 1600 से अधिक शहीद जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान हैं। स्वैन ने कहा कि आंकड़े देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रैक्टिकल के सही अंक अपलोड करने के लिए गाइडलाइन जारी
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों को बोर्ड के पोर्टल पर प्रैक्टिकल के सही अंक अपलोड करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड का कहना है कि पोर्टल पर अंक अपलोड करना स्कूलों की मुख्य जिम्मेदारियों में से एक है, इसलिए स्कूलों को ये सुनिश्चित करना होगा कि छात्रों को दिए गए अंक सही हों। वहीं, अगर स्कूल गलत अंक एक बार पोर्टल पर अपलोड कर देते हैं तो इसमें कोई सुधार नहीं किया जाएगा। इस स्थिति में बोर्ड ने सभी स्कूलों को सलाह दी है कि वे छात्रों का परिणाम सही ढंग से घोषित करें।
बोर्ड ने बताया कि हाल ही में एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सर्वर पर गलत तरीके से जारी किए अंकों को सही करने की याचिका को खारिज कर दिया है। ऐसे में स्कूलों को अंक अपलोड करते समय सतर्क रहना चाहिए। इसके लिए प्रधानाचार्य, आंतरिक परीक्षक और बाहरी परीक्षक सही ढंग से अंक दें और उन्हें सही ढंग से अपलोड करने पर अधिक ध्यान दें।
16 लाख नए कर्मी ईएसआई से जुड़े, 3 लाख से अधिक महिलाएं
कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) योजना के तहत नवंबर 2023 में 15.92 लाख नए कर्मचारी जुड़े हैं। नए पंजीकरण में 25 वर्ष आयु वर्ग तक के 7.47 लाख कर्मचारी हैं। यह कुल कर्मचारियों का 47 प्रतिशत है। श्रम मंत्रालय के अनुसार करीब 20,830 नए संस्थान भी ईएसआईसी की सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आए हैं। आंकड़ों के अनुसार नए जुड़ने वाले कर्मचारियों में 3.17 लाख महिलाएं तो 58 समलैंगिक समुदाय के कर्मचारी भी हैं।
यह है ईएसआई: ईएसआई अधिनियम के अनुसार 10 से अधिक कर्मचारियों वाले सभी प्रतिष्ठान ईएसआई अधिनियम के अंतर्गत आते हैं और उन्हें ईएसआई फंड बनाए रखना होता है। कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के तहत वेतन की सीमा 21,000 रुपये है। इस राशि की गणना मूल वेतन और एचआरए, डीए, चिकित्सा भत्ता और कमीशन जैसे भत्ते जोड़कर की जाती है।
महिला आरक्षण विधेयक पर 22 जनवरी को सुप्रीम सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट कांग्रेस नेता जया ठाकुर की नारी शक्ति वंदन कानून-2023 को तत्काल लागू करने की मांग वाली याचिका पर 22 जनवरी को सुनवाई करेगा। याचिका में इसे आम चुनाव से पहले लागू करने की मांग की गई है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने मंगलवार को कहा कि केंद्र की ओर से कोई वकील पेश नहीं हुआ। मामले को 22 जनवरी के लिए आगे की सुनवाई के लिए स्थगित कर दिया गया है। जस्टिस खन्ना ने कहा, देखिए मैं कुछ नहीं कह रहा हूं। दूसरे पक्ष को आने दीजिए।
जजों की अवमानना मामले में वकील को बिना शर्त माफी मांगने का एक और मौका
सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना मामले में सजा पाने वाले वकील को उन जजों से बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया जिनके फैसलों को उसने निंदनीय, अनुचित और निराधार बताया था। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह उसकी मांगी माफी की प्रकृति से संतुष्ट नहीं हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने 9 जनवरी को उसके और राष्ट्रीय राजधानी में जिला अदालतों के कई जजों की आपराधिक अवमानना का दोषी ठहराते हुए छह महीने जेल की सजा सुनाई थी और 2000 रुपये का जुर्माना लगाया था। हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि उसे हिरासत में लेकर तिहाड़ जेल के अधीक्षक को सौंप दिया जाए।