हरियाणा विधान सभा के सत्र में इनेलों को परिवार की लड़ाई केचलते अपनी रणनीति तय करना भारी साबित हो सकता है। इनेलों ने 28 दिसंबर को होने वाले एक दिन के सत्र के लिए काम रोको प्रस्ताव लाने की तैयारी की है। इसके इतर जेजेपी के समर्थक विधायकों की बैठक 27 दिसंबर को दिल्ली में होगी जिसमें 28 की रणनीति तय की जाएगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता ने बताया कि इनेलों से अलग हुए तीन विधायकों के अलावा जेजेपी के संपर्क में आधा दर्जन और विधायक भी हैं।
28 तारीख को हरियाणा विधानसभा का एक दिन का सेशन बुलाया गया है। 90 सीटों वाली विधानसभा में 48 भाजपा और सहयोगी दलों के विधायक हैं। इनेलों ने 18 सीटें जीती थी। लेकिन उसके तीन विधायक नैना चौटाला, दादरी से राजदीप फोगाट ओकलाना से अनुप धानक जनजनायक जनता पार्टी के समर्थन में हैं। ऐसे में जेजेपी ने ऐलान किया है कि उसके तीनों विधायक पार्टी के आला नेताओं के साथ बैठकर रणनीति तय करेंगे। सदन में उनकी भूमिका क्या होगी।
जबकि इनेलो से नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने सरकार पर जनता के मुद्दों से भागने का आरोप लगाकर जनहित के हर मुद्दे को विधानसभा के पटल पर रखने का ऐलान किया था। जिसमेंएसवाईएल पर काम रोको प्रस्ताव लाने की घोषणा की थी। ऐसे में 15 सदस्यों वाली इनेलों का साथ जेजेपी के समर्थन में आए तीन विधायक देंगे या नहीं इसका फैसला गुरुवार की बैठक में हो जाएगा।
पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा अभी जेजेपी की औपचारिकताओं की पूर्ति नहीं हुई है। इसलिए जनता के मुद्दों को कैसे पटल पर रखा जाएगा तय करना होगा। इनेलो के साथ पर उनका कहना था टेक्निकली तो अभी कुछ भी अलग नहीं हुआ है। ऐसे में फैसला पार्टी के बड़ों को करना है। वैसे सांसद दुष्यंत चौटाला ने संसद केशीतकालीन सत्र से पहले लोकसभा में अपनी सीट अलग करने के लिये पत्र द्वारा निष्कासन की बावत सूचित किया था।
स्पीकर सुमित्रा महाजन को लिखकर दिया था कि अब उन्हें इंडियन नेशनल लोकदल का सांसद संबोधित न किया जाए। जनजनायक जनता दल के प्रवक्ता दिनेश डागर ने कहा विपक्ष केतमाम दबाव के बाद भी सरकार की मनमानी रूकने का नाम नहीं ले रही है। अपने इस दर्द का इजहार भाजपा के विधायक भी कर चुके हैं. इससे साफ जाहिर है जिस पार्टी में उसके विधायक ही सुखी नहीं हैं वह पार्टी जनता का कितना भला कर रही होगी। उन्होंने कहा जेजेपी की लड़ाई हर उस राजनैतिक दल से है जो जनता के हितों की अनदेखी कर रही है।