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'संसद में एससी-एसटी सांसदों के बोलने का समय बढ़े': जीतन राम मांझी का लोकसभा अध्यक्ष को पत्र, और क्या कहा?

Sat, 26 Sep 2026 11:14 AM IST
देवेश त्रिपाठी पीटीआई, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से एससी/एसटी समुदायों से जुड़े सांसदों को महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के दौरान अधिक बोलने का अवसर देने के अनुरोध पर कार्रवाई की मांग की है। मांझी ने बताया कि भाजपा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने अगस्त में हुई एनडीए सांसद समूह संवाद बैठक में यह विषय उठाया था।
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केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के दौरान अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी समुदायों) से आने वाले सांसदों को पर्याप्त बोलने का समय देने के अनुरोध पर कार्रवाई की मांग की है।
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जीतन राम मांझी ने अपने पत्र में कहा कि मध्य प्रदेश के खरगौन से भाजपा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने पांच अगस्त को मांझी के दिल्ली स्थित आवास पर हुई एनडीए सांसद समूह संवाद बैठक में यह मुद्दा उठाया था।

मांझी ने की लोकसभा अध्यक्ष से निर्देश जारी करने की मांग
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पटेल ने विशेष रूप से मांग की थी कि एससी/एसटी सांसदों को सदन में अपने समुदायों से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए पर्याप्त अवसर दिया जाए। मांझी ने लोकसभा अध्यक्ष से पटेल के अनुरोध पर आगे की कार्रवाई करने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
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पटेल ने बातचीत में इस मुद्दे को उठाए जाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि एससी/एसटी सांसदों को दिया जाने वाला समय और बढ़ाया जाना चाहिए, क्योंकि किसी राजनीतिक दल को आवंटित समय उसके सांसदों के बीच बांट दिया जाता है।

एससी/एसटी समुदाय के सांसदों को मिले ज्यादा समय : गजेंद्र सिंह पटेल
उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है कि हमें समय नहीं मिलता, लेकिन हमें अधिक समय मिलना चाहिए। एससी/एसटी समुदायों से जुड़े अधिक मुद्दे उठाए जाने चाहिए।” पटेल ने कहा कि इस मांग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसदीय चर्चाओं के दौरान एससी/एसटी समुदायों से जुड़े विषयों को पर्याप्त जगह मिले। उन्होंने यह भी माना कि इन समुदायों से आने वाले सांसदों को सदन में बोलने के अवसर मिलते हैं।
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