केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को रविवार शाम सांस लेने में तकलीफ और बुखार की शिकायत के बाद दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया। सूत्रों के अनुसार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री को शाम करीब पांच बजे अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लाया गया था। रात करीब नौ बजे उन्हें आईसीयू में स्थानांतरित कर दिया गया।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को रविवार शाम सांस लेने में तकलीफ और बुखार की शिकायत के बाद दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री मांझी को शाम करीब पांच बजे एम्स के आपातकालीन विभाग में लाया गया। रात करीब नौ बजे उन्हें आईसीयू में स्थानांतरित कर दिया गया।
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सूत्रों ने बताया कि डॉक्टरों की एक टीम उनकी स्थिति पर नजर रख रही है और जरूरी चिकित्सकीय जांच कर रही है। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, मांझी को डेंगू होने की आशंका है। हालांकि, एम्स की ओर से अभी उनकी स्थिति को लेकर कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।
कब बिगड़ी थी जीतन राम मांझी की तबीयत?
जीतन राम मांझी 3 सितंबर को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद पटना से व्हील चेयर पर दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। हालांकि, उस दौरान उनके निजी सहायक ने साफ किया कि केंद्रीय मंत्री की हालत गंभीर नहीं है। वायरल फीवर के बाद उनके शरीर में कमजोरी है, जिसकी वजह से उन्हें चलने में परेशानी हो रही है।
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वायरल फीवर के बाद आई कमजोरी
निजी सहायक के मुताबिक, जीतन राम मांझी की तबीयत करीब तीन दिन पहले अचानक खराब हुई थी। उन्हें वायरल फीवर हो गया था और पटना में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के बाद अब उनकी स्थिति में काफी सुधार है और वह स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया था कि बुखार के बाद मांझी के शरीर में कमजोरी रह गई है। इसी वजह से उन्हें चलने में परेशानी हो रही है। यात्रा के दौरान परेशानी न हो, इसलिए उनके लिए व्हील चेयर की व्यवस्था की गई थी।
परिवार के साथ दिल्ली आए थे मांझी
जीतन राम मांझी 3 सितंबर को अपने पूरे परिवार के साथ पटना से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। निजी सहायक ने बताया था कि दिल्ली में उनकी एक महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित है, जिसमें उनका शामिल होना जरूरी है। इसी कारण स्वास्थ्य में सुधार के बाद वह दिल्ली रवाना हुए हैं।