इन छात्रों ने एक युवक को हिंदूवादी संगठन से जुड़ा समझकर दौड़ा दिया। इसी क्रम में मीडिया एवं पुलिसकर्मियों की तरफ पत्थर फेंके गए। छात्र संघ उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान रॉथर, पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन, नबील उस्मानी, नदीम अंसारी, मो. नदीम, मो. शिकोह, इमरान खान आदि ने एडीए सिटी एवं एसपी सिटी को तहरीर दी। इसमें सांसद सतीश गौतम को मुख्य षड्यंत्रकारी बताया है। एसपी सिटी के नेतृत्व में हुए लाठीचार्ज को मानवाधिकार का उल्लंघन करार दिया गया है।
छात्र नेताओं ने सीओ सिटी संजीव दीक्षित को युवा वाहिनी का संरक्षक करार दिया है और उन्हें बर्खास्त कर उचित कार्रवाई की मांग की है। छात्रों का कहना है कि विश्व हिंदू परिषद, हिंदू युवा वाहिनी एवं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता मुख्य द्वार पर आकर तोड़ फोड़ करने लगे। इसमें 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस घटना के 30 मिनट बाद 25-30 संघ कार्यकर्ता और सांसद सतीश गौतम के साथी पिस्तौल एवं धारदार हथियारों से लैस होकर दोबारा हमला बोल दिया।
वे लोग पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के खिलाफ भद्दे नारे एवं जान से मारने की धमकी दे रहे थे। तहरीर में सौरभ चौधरी, अमित गोस्वामी, सोनू सविता, अर्जुन सिंह भोलू, यश जादौन, कुलदीप ठाकुर एवं लीवेश बघेल सहित 25 अज्ञात लोगों का नाम भी है। एएमयू छात्र संघ की तहरीर में कहा गया है कि पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की सुरक्षा में खतरा था और अलीगढ़ प्रशासन की भारी चूक थी। उल्लेखनीय है कि एएमयू में जिन्ना की तस्वीर पर सांसद सतीश गौतम ने सवाल उठाया था। उसके बाद हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता विरोध करने एएमयू कैंपस तक पहुंच गए थे।
इस क्रम में छात्रों एवं हिजामं कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई थी। बुधवार को एफआईआर कराने थाना सिविल लाइन जा रहे बेकाबू छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर तितर-बितर कर दिया था। उसके बाद से एएमयू का माहौल बेहद गरम हो गया है। दूसरी ओर जिलाधिकारी ने बुधवार को हुए इस बवाल की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। यह जांच एडीएम (वित्त एवं राजस्व) बच्चू सिंह करेंगे।
नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना देशद्रोही था। उसकी वजह से देश का बंटवारा हुआ। वह सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात कर रहे थे। जिन्ना के पक्ष में बयान देने वाले कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य पर कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये उनका निजी बयान है। वह उनके बयान से सहमत नहीं हैं।
प्रदेश गड्ढा मुक्त न हो पाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि गड्ढा सतत प्रक्रिया है। ये होते रहेंगे और सड़कें गड्ढा मुक्त भी की जाती रहेंगी। लोगों को आवागमन में असुविधा न हो ये सरकार की मंशा है। उन्होंने बताया कि झांसी में विद्युत शवदाह गृह शुरू करने के लिए जल्द ही 85 लाख रुपये दिए जाएंगे।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत झांसी में 3200 घर स्वीकृत हुए हैं। जबकि, प्रदेश में चार लाख आवासों की स्वीकृति मिली है। 21 से 30 वर्ग मीटर की जगह वाले लोग इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्हें सरकार की तरफ से 2.5 लाख रुपये दिए जाते हैं। कहा कि शहर की पानी की समस्या के समाधान के लिए 900 करोड़ की अमृत योजना पर काम चल रहा है।