सीआरपीएफ जवान महिमा नंद शुक्ला, दंतेवाड़ा में संचालित माओवाद विरोधी अभियान के दौरान हुए आईईडी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। विस्फोट में शुक्ला की दोनों टांगें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी।
सीआरपीएफ के शहीद हवलदार महिमा नंद शुक्ला के परिजनों का हालचाल जानने के लिए बल के डीजी जीपी सिंह झारखंड के पलामू जिले के गांव कमालकेडिया में पहुंचे। उन्होंने शहीद के परिजनों से मुलाकात की। परिजनों को बल की तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। खासतौर पर शहीद के बच्चों की शिक्षा को लेकर डीजी जीपी सिंह ने परिजनों से बातचीत की। किसी भी तरह की मदद के लिए उन्हें सीआरपीएफ के झारखंड सेक्टर के टच में रहने के लिए कहा।
विज्ञापन
बता दें कि सीआरपीएफ जवान महिमा नंद शुक्ला, दंतेवाड़ा में संचालित माओवाद विरोधी अभियान के दौरान हुए आईईडी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। विस्फोट में शुक्ला की दोनों टांगें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिस वक्त यह घटना हुई, तब हवलदार महिमा नंद शुक्ला और उनके साथी कमाल पोस्ट कैंप पर लौट रहे थे। चूंकि महिमा नंद अपने दल का नेतृत्व कर रहे थे, इसलिए वे आईईडी ब्लास्ट में गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें हेलीकॉप्टर के जरिए रायपुर ले जाया गया। जब हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो उन्हें 14 फरवरी को एयर एंबुलेंस की मदद से नई दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया।
हालत बिगड़ने की वजह से महिमा नंद शुक्ला ने 20 फरवरी को एम्स में अंतिम सांस ली। डीजी जीपी सिंह ने कहा कि शुक्ला, सीआरपीएफ के बहादुर जवान थे। उन्होंने कर्तव्य की बलिवेदी पर अपने प्राणों की आहुति दी है। शूरवीर महिमा नंद शुक्ला के अदम्य साहस, शौर्य एवं मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण को सीआरपीएफ नमन करती है। यह बल सदैव अपने वीर के परिवार के साथ सदैव खड़ा है। शहीद के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और बेटी है। डीजी ने कहा, सीआरपीएफ द्वारा शहीद परिवार की पूरी मदद की जाएगी। सीडब्लूए की तरफ से भी परिवार को मदद मिलेगी।