फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'झारखंड' : मजदूर की बेटी ने मारा हार्वर्ड का 'गोल'

Fri, 30 Apr 2021 06:21 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • सीमा कुमारी का हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में 4 साल के स्नातक पाठ्यक्रम के लिए हुआ चयन हुआ जिसमें उसे सालाना 61 लाख की पूर्ण स्कॉलरशिप मिलेगी
  • मजदूर पिता और हंडिया बेचने वाली मां की बेटी सीमा ने अपने बूते पर यह मुकाम हासिल किया
विज्ञापन
सीमा कुमारी झारखंड - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत में गरीब परिवारों की लड़कियों को अच्छी पढ़ाई-लिखाई और कैरियर बनाने का मौका शायद ही मिल पाता है। उनके मां बाप को सिर्फ एक ही फिक्र से सताती है कि जल्द से जल्द उसकी शादी कर दी जाए। लेकिन रांची के दाहो गांव की सीमा कुमारी ऐसा नाम है जिसकी कहानी सुनकर कोई भी दांतों तले अंगुलियां दबाने को मजबूर हो जाएगा।

विज्ञापन


दाहो गांव की सीमा कुमारी की कहानी, 4 साल के स्नातक कोर्स के लिए हुआ चयन
12वीं की यह छात्रा जल्द ही अमेरिका के हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का सफर तय करने वाली हैं। वहां इसका 4 साल के स्नातक पाठ्यक्रम के लिए चयन हुआ है, जिसमें से सालाना 61 लाख की पूर्ण स्कॉलरशिप मिलेगी। मजदूर पिता और हंडिया बेचने वाली मां की बेटी सीमा ने अपने बूते यह मुकाम हासिल किया है।

फुटबॉल के मैदान से हुई शुरुआत
17 वर्षीय सीमा ने बताया, मैं पहले गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ती थी। 2012 में एक दिन घास लेने जा रही थी। तभी गांव की कई लड़कियों को फुटबॉल खेलते देखा तो मेरा भी खेलने का मन हुआ। फिर घरवालों से अनुमति लेकर मैदान जाने लगी। वहां पता लगा कि वह सब एक एनजीओ युवा के विशेष कैंप का हिस्सा था। फिर मैं उससे जुड़ी और लगातार खेलने लगी। वहां अंग्रेजी सीखी और फिर नई बच्चियों को फुटबॉल सिखाने लगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें