महिलाएं पुख्य नक्षत्र के पर्व पर पदयात्रा करते हुए ओरछा जा रहीं थीं। दुर्घटना के बाद ग्रामीणों ने राजमार्ग पर जाम लगा दिया। चालक कार को मौके पर छोड़कर फरार हो गया है। जानकारी के अनुसार मोंठ तहसील के ग्राम सेना की एक दर्जन महिलाएं पुष्य नक्षत्र में पदयात्रा करते हुए ओरछा धाम रामराजा सरकार के दर्शन करने जा रही थीं।
शाम करीब चार बजे महिलाएं अमरा से कुछ दूरी पर स्थित पेट्रोल के सामने से गुजर रहीं थीं कि इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार से आ रही जायलो कार ने महिलाओं को रौंद दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिलाएं कई फीट ऊपर उछलकर इधर-उधर जा गिरीं, इनमें सात की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने उपचार के लिए झांसी ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना पर पुलिस एवं ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सड़क पर इधर-उधर बिखरे पडे़ शवों को तथा गंभीर रूप से घायलों को उठाकर झांसी भेजा। गंभीर घायलों में कुसमा पत्नी कल्लू, सुशीला पत्नी उदयभान, पूनम पत्नी देंवेंद्र, राजवती पत्नी दयाराम शामिल हैं।
घटना के बाद करीब पांच किमी लंबा जाम लग गया। कुछ देर के लिए यातायात चालू हुआ, लेकिन जैसे ही ग्राम सेना के लोगों को घटना की जानकारी हुई तो मृतकों के परिजन व अन्य ग्रामीण काफी संख्या में मौके पर पहुंच गए तथा राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया।
लखनऊ से मीटिंग से वापस लौट रहे मंडल आयुक्त के.राममोहन राव, डीआईजी शरद सचान, डीएम अजय शुक्ला भी जाम में फंस गए। झांसी से एसपी देहात सुधा सिंह भी मौके पर पहुंच गईं। डीएम ने जाम लगा रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने एक नहीं सुनीं। विधायक दीपनारायण सिंह ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाया।
जाम के दौरान कई बार अधिकारियों व ग्रामीणों में नोकझोंक भी होती रही। मोंठ सार्किल के समथर, शाहजहांपुर, चिरगांव, पूंछ सार्किल के थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंच गए। घटना के बाद जायलो चालक मौके से भाग गया।
इनकी हुई हादसे में मौत
दुर्घटना में मरने वाली महिलाओं में शशि (36 वर्ष) पत्नी हरिशंकर, बती (60 वर्ष) पत्नी गुल्ले मुखिया, गायत्री यादव (40 वर्ष) पत्नी कालीचरन, भूरी देवी (55 वर्ष) पत्नी मलखान आजाद नगर मोंठ, रश्मि देवी यादव (34 वर्ष) पत्नी कामता प्रसाद, अर्चना (32 वर्ष) पत्नी शिशुपाल यादव एवं विनीता (44 वर्ष) पत्नी राधाचरन यादव सुमन (40 वर्ष) गुल्टू यादव शामिल हैं।
हर माह होती है पुष्य नक्षत्र की पदयात्रा
हर माह पुष्य नक्षत्र में बुंदेलखंड के दूरदराज इलाकों से पैदल चलकर श्रद्धालु ओरछा पहुंचते हैं तथा बेतवा नदी में स्नान कर भगवान श्रीरामराजा सरकार के दर्शन करते हैं। ऐसा मान्यता है कि इस नक्षत्र में पदयात्रा कर भगवान के दर्शन करने से मनौती पूरी होती है। इस दौरान ओरछा में बड़ा मेला लगता है तथा भक्तों के लिए विशेष इंतजाम में भी किए जाते हैं।